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Chaitra Navratri 2018: रविवार से शुरु होंगे चैत्र नवरात्रि, जानिए मां दुर्गा के 108 नाम और उनके अर्थ

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 March 2018, 12:00 IST

इस साल चैत्र नवरात्रि 18 मार्च से शुरु हो रहे हैं. नवरात्रि में नौ दिन तक मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती है. देवी भागवत् पुराण के मुताबिक पूरे साल में चार नवरात्र होते हैं. ज‌िनमें दो गुप्त नवरात्र सह‌ित शारदीय नवरात्र और बासंती नवरात्र ज‌िसे चैत्र नवरात्र भी कहा जाता है शाम‌िल हैं. बता दें कि यह चारों नवरात्र ऋतु चक्र पर आधार‌ित होते हैं और सभी ऋतुओं के संध‌िकाल में मनाए जाते हैं.

हिंदू धर्म के मुताबिक सभी देवी-देवताओं में सबसे मुख्य देवी मां दुर्गा को माना जाता है. मां दुर्गा को महिलाओं की शक्ति के तौर पर देखा जाता है. पुराणों में मां दुर्गा के 108 नाम बताए गए हैं. आज हम यहां आपको मां ने इन्हीं 108 नाम और उनके अर्थ को बताएंगे.

ये हैं मां दुर्गा के 108 नाम और उनके अर्थ

मां दुर्गा के 108 नामों में सबसे पहला नाम आता है सती- मां दुर्गा के इन नाम का अर्थ अग्नि में जलकर भी जीवित रहने वाली है. दूसरा नाम है साध्वी- जिसका नाम है आशावादी, मां का तीसरा नाम है भवप्रीता- इसका अर्थ है भगवान शिव पर प्रीति रखने वाली. मां दुर्गा का चौथा नाम है भवानी इसका अर्थ है ब्रह्मांड में निवास करने वाली.

मां का पांचवी नाम है भवमोचनी इस नाम का अर्थ है संसारिक बंधनों से मुक्त करने वाली. दर्गा का छठवा नाम है आर्या इसका अर्थ है देवी. वहीं सातवें नाम का दर्गा का अर्थ है अपराजेय. मां के आठवां नाम है जया इसका अर्थ है विजयी. नौवे नाम आद्य का अर्थ है शुरुआत की वास्तविकता.

वहीं दसवां नाम है त्रिनेत्र इस नाम का अर्थ है तीन आंखों वाली. ग्यारहवें नाम शूलधारिणी का नाम अर्थ है शूल धारण करने वाली. बारहवें नाम पिनाकधारिणी का अर्थ है शिव का त्रिशूल धारण करने वाली. तेरहवें का नाम चित्रा का अर्थ है सुरम्य या सुंदर. चौदहवें नाम चण्डघण्टा का अर्थ है प्रचण्ड स्वर से घण्टा नाद करने वाली या घंटे की आवाज निकालने वाली. पंद्रहवें नाम सुधा का अर्थ है अमृत की देवी. सोलहवें नाम मन का अर्थ है मनन या शक्ति. सत्तरहवें नाम बुद्धि का अर्थ सर्वज्ञाता.

मां दुर्गा का अठारवें नाम अहंकारा का अर्थ है अभिमान करने वाली. वहीं उन्नीसवें नाम चित्तरूपा का अर्थ है वह जो सोच की अवस्था में है. वहीं बीसवें नाम चिता का अर्थ है मृत्युशय्या. इक्कीसवें नाम चिति का अर्थ है चेतना. बाईसवें नाम सर्वमन्त्रमयी का अर्थ है सभी मंत्रों का ज्ञान रखने वाली. तेईसवें नाम सत्ता का अर्थ है सत-स्वरूपा, जो सब से ऊपर है. वहीं चौबीसवें नाम सत्यानंद स्वरूपिणी का अर्थ है अनन्त आनंद का रूप.

मां दुर्गा के पच्चीसवें नाम अनन्ता का अर्थ है जिनके स्वरूप का कहीं अंत नहीं हो. वहीं छब्बीसवें नाम भाविनी का अर्थ सबको उत्पन्न करने वाली, खूबसूरत औरत है. सत्ताईसवें नाम भाव्या का अर्थ भावना एवं ध्यान करने योग्य. अच्ठाईसवें नाम भव्या का अर्थ कल्याणरूपा, भव्यता के साथ. उन्तीसवें नाम अभव्या का अर्थ जिससे बढ़कर भव्य कुछ नहीं है.

वहीं तीसवें नाम सदागति का अर्थ हमेशा गति में या मोक्ष दान है. इकत्तीसवें नाम शाम्भवी का अर्थ शिवप्रिया या शंभू की पत्नी है. बत्तीसवें नाम देवमाता का अर्थ देवगण की माता. तैंतीसवें नाम चिन्ता का अर्थ चिन्ता है. वहीं चौंतीसवें नान रत्नप्रिया का अर्थ गहने से प्यार करने वाली. पैंतीसवें नाम सर्वविद्या का अर्थ ज्ञान का निवास. मां दुर्गा के छत्तीसवें नाम दक्षकन्या का अर्थ दक्ष की बेटी. वहीं सैंतीसवें नाम दक्षयज्ञविनाशिनी का अर्थ दक्ष के यज्ञ को रोकने वाली है.

अड़तीसवें नाम अपर्णा का अर्थ तपस्या के समय पत्ते को भी न खाने वाली. उन्तालीसवें नाम अनेकवर्णा का अर्थ अनेक रंगों वाली. चालीसवें नाम पाटला का अर्थ लाल रंग वाली. इकतासीलवें नाम पाटलावती का अर्थ गुलाब के फूल है. वहीं बयालीसवें नाम पट्टाम्बरपरीधाना का अर्थ रेशमी वस्त्र पहनने वाली है.

43. कलामंजीरारंजिनी- पायल को धारण करके प्रसन्न रहने वाली. 44. अमेय- जिसकी कोई सीमा नहीं. 45. विक्रमा- असीम पराक्रमी. 46. क्रूरा- दैत्यों के प्रति कठोर. 47. सुन्दरी- सुंदर रूप वाली. 48. सुरसुन्दरी- अत्यंत सुंदर. 49. वनदुर्गा- जंगलों की देवी. 50. मातंगी- मतंगा की देवी. 51. मातंगमुनिपूजिता- बाबा मतंगा द्वारा पूजनीय. 52. ब्राह्मी- भगवान ब्रह्मा की शक्ति.

53. माहेश्वरी- प्रभु शिव की शक्ति. 54. इंद्री- इंद्र की शक्ति. 55. कौमारी- किशोरी. 56. वैष्णवी- अजे. 57. चामुण्डा- चंड और मुंड का नाश करने वाली. 58. वाराही- वराह पर सवार होने वाली. 59. लक्ष्मी- सौभाग्य की देवी. 60. पुरुषाकृति- वह जो पुरुष धारण कर ले. 61. विमिलौत्त्कार्शिनी- आनन्द प्रदान करने वाली. 62. ज्ञाना- ज्ञान से भरी हुई. 63. क्रिया- हर कार्य में होने वाली.
64. नित्या- अनन्त. 65. बुद्धिदा- ज्ञान देने वाली. 66. बहुला- विभिन्न रूपों वाली. 67. बहुलप्रेमा- सर्व प्रिय.
68. सर्ववाहनवाहना- सभी वाहन पर विराजमान होने वाली. 69. निशुम्भशुम्भहननी- शुम्भ, निशुम्भ का वध करने वाली. 70. महिषासुरमर्दिनि- महिषासुर का वध करने वाली. 71. मसुकैटभहंत्री- मधु व कैटभ का नाश करने वाली.
72. चण्डमुण्ड विनाशिनि- चंड और मुंड का नाश करने वाली.

73. सर्वासुरविनाशा- सभी राक्षसों का नाश करने वाली. 74. सर्वदानवघातिनी- संहार के लिए शक्ति रखने वाली. 75. सर्वशास्त्रमयी- सभी सिद्धांतों में निपुण. 76. सत्या- सच्चाई. 77. सर्वास्त्रधारिणी- सभी हथियारों धारण करने वाली. 78. अनेकशस्त्रहस्ता- कई हथियार धारण करने वाली. 79. अनेकास्त्रधारिणी- अनेक हथियारों को धारण करने वाली. 80. कुमारी- सुंदर किशोरी. 81. एककन्या- कन्या.

82. कैशोरी- जवान लड़की. 83. युवती- नारी. 84. यति- तपस्वी. 85. अप्रौढा- जो कभी पुराना ना हो. 86. प्रौढा- जो पुराना है. 87. वृद्धमाता- शिथिल. 88. बलप्रदा- शक्ति देने वाली. 89. महोदरी- ब्रह्मांड को संभालने वाली. 90. मुक्तकेशी- खुले बाल वाली. 91. घोररूपा- एक भयंकर दृष्टिकोण वाली. 92. महाबला- अपार शक्ति वाली. 93. अग्निज्वाला- मार्मिक आग की तरह. 94. रौद्रमुखी- विध्वंसक रुद्र की तरह भयंकर चेहरा.

95. कालरात्रि- काले रंग वाली. 96. तपस्विनी- तपस्या में लगे हुए. 97. नारायणी- भगवान नारायण की विनाशकारी रूप. 98. भद्रकाली- काली का भयंकर रूप. 99. विष्णुमाया- भगवान विष्णु का जादू
100. जलोदरी- ब्रह्मांड में निवास करने वाली. 101. शिवदूती- भगवान शिव की राजदूत.

102. करली- हिंस. 103. अनन्ता- विनाश रहित. 104. परमेश्वरी- प्रथम देवी. 105. कात्यायनी- ऋषि कात्यायन द्वारा पूजनीय. 106. सावित्री- सूर्य की बेटी. 107. प्रत्यक्षा- वास्तविक. 108.ब्रह्मवादिनी- वर्तमान में हर जगह वास करने वाली

ये 108 नाम मां दुर्गा के हैं. हर साल नवरात्रों में मां के नौ रूपों की आराधना की जाती है.

First published: 14 March 2018, 11:22 IST
 
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