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Chaitra Navratri 2018: इस विधि से करें कलश स्थापना, मिलेगा शुभ फल

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 March 2018, 10:42 IST

चैत्र नवरात्रि रविवार यानि 18 मार्च से शुरू हो रहे हैं. नवरात्रि में मां दुर्गा के भक्त मां के नौ रूपों की आराधन करते हैं. नवरात्रि के पहले दिन मां के भक्त कलश स्थापना करते हैं. कलश स्थापना पूरे विधि-विधान से की जाती है. नवरात्रों में कलश स्थापना किसी योग्य पंडित या पुरोहित के द्वारा करवानी चाहिए.

आज हम आपको कलश स्थापना की सही विधि के बारे में बताएंगे. जिससे नवरात्रों के दौरान मां दुर्गा की आराधना में कोई विध्न पैदा ना हो और मनचाहे फल का प्राप्ति हो.

 

कैसे करें कलश स्थापना

कलश स्थापना करने के लिए सबसे पहले प्रतिपदा के दिन स्नानादि कर पूजा स्थल को शुद्ध कर लें. इसके बाद सबसे पहले लकड़ी के एक आसन पर लाल रंग का वस्त्र बिछायें. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि इस वस्त्र पर श्री गणेश जी का स्मरण करते हुए थोड़े चावल रखें. इसके बाद मिट्टी की वेदी बनाकर उस पर जौ बोयें, फिर इस पर जल से भरा मिट्टी, सोने या तांबे का कलश विधिवत स्थापित करें.

इस कलश पर रोली से स्वास्तिक या ऊँ बनायें. साथ ही कलश के मुख पर रक्षा सूत्र भी बांधना चाहिये. इस कलश में सुपारी, सिक्का डालकर आम या अशोक के पत्ते रखें. उसके बाद कलश के मुख को ढक्कन से ढक दें और इस ढक्कन को चावलों से भर दें.

ज्योतिषाचार्य करते हैं कि कलश स्थापना के बाद एक नारियल लेकर उस पर चुनरी लपेट दें. साथ ही उसपर रक्षासूत्र से बांध दें. इस नारियल को कलश के ढक्कन पर रखते हुए सभी देवी-देवताओं का आह्वान करें और अंत में दीप जलाकर कलश की पूजा करें.

उसके बाद षोडशोपचार से पूजन के उपरान्त फूल व मिठाइयां चढ़ा कर माता दुर्गा की पूजा-अर्चना करें. जिन परिवारों में कुलदेवी की पूजा की जाती है वे लोग कलश स्थापना के दौरान कुलदेवी की प्रतिमा की स्थापना भी कर सकते हैं. वहीं कलश स्थापना कर उसकी पूजा करें और उसके बाद दुर्गा सप्तशती का पाठ करें. इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है.

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First published: 17 March 2018, 9:45 IST
 
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