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Chaitra Navratri 2018: क्यों मनाई जाती है राम नवमी और क्या है इसका महत्व?

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 March 2018, 11:12 IST

पूरे देश में इन दिनों चैत्र नवरात्रि की धूम मची हुई है. नवरात्रि को हिंदुओं का प्रमुख त्यौहार माना जाता है. नवरात्रों में मां दुर्गा के भक्त मां के 9 रूपों की आराधना करते हैं. चैत्र नवरात्रि का समापन 26 मार्च को हो जाएगा. इसके साथ ही ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत हो जाएगी. एक साल में 4 नवरात्रि आती हैं. इन चारों में सिर्फ दो नवरात्रों की सबसे अधिक मान्यता है. इनमें चैत्र नवरात्रि और शरद नवरात्रि शामिल हैं.

शरद ऩवरात्रि को महा नवरात्रि भी कहा जाता है. ये नवरात्रि सितम्बर-अक्टूबर के महीने में आती है. इस नवरात्रि के 10वें दिन दशहरा मनाया जाता है. दशहरा मनाने की मान्यता है कि इस दिन भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी.

 

वहीं, चैत्र नवरात्रि मार्च-अप्रैल या हिंदू कैलेंडर के चैत्र महीने में मनाया जाता है. वहीं चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन को भगवान राम के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. इसे राम नवमी भी कहा जाता है. कहीं-कहीं चैत्र नवरात्रि को राम नवरात्रि के नाम से भी कहा जाता है. सी के साथ वसंत के बाद गर्मियों की शुरुआत हो जाती है.

हिन्दू धर्म में राम नवमी को बहुत बड़ा पर्व माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान श्री राम का जन्म हुआ था. राम नवमी का पर्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है. जिनके पिता अयोध्या के राजा दशरथ और माता रानी कौशल्या थी. भगवान श्री राम को विष्णु जी के 7 वें अवतार के रूप में जाना जाता है. इस दिन को चैत्र मास शुक्लपक्ष नवमी भी कहा जाता है. जो की वसंत नवरात्री का नौवां दिन होता है.

नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के भक्त घरों में मां के अलग-अलग नौ रूपों की पूजा करते हैं. इन दिनों में हर व्यक्ति अपने अपने हिसाब से व्रत करता है. नवरात्रों में कोई दो जोड़े तो कोई पूरे नौ दिनों का उपवास भी रखते हैं. इन दिनों में व्रत करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. जिससे उनके जीवन में शांति और खुशी आती है. साथ ही भक्तों को मनचाही सफलता मिलती है. शरद नवरात्रि और राम नवरात्रि के अलावा दो और नवरात्रि होती हैं जिनमें गुप्त नवरात्रि और माघ नवरात्रि शामिल हैं.

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First published: 21 March 2018, 11:00 IST
 
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