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नवरात्र में क्यों नहीं खाते प्याज और लहसुन? जानें वैज्ञानिक और देवाताओं से जुड़ा इतिहास

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 April 2019, 11:03 IST

नवरात्रि में ज्यादातर लोगों के घरों में प्याज-लहसुन नहीं खाया जाता है. ये बात आपको अच्छी तरह से मालूम होगा. इतना ही नहीं लोग नवरात्र शुरू होने से दो-तीन दिन पहले से ही बाजार से प्याज लाना बंद कर देते हैं, लेकिन कभी आपने सोचा है आखिर ऐसा क्यों होता है.

बहुत से लोगों धार्म का हवाला देकर कह देते हैं कि ये तामसिक भोजन है, इसलिए पूजा-पाठ के मौके पर लहसुन और प्याज से दूर रहा जाता है.

चलिए आज हम आपको वैज्ञानिक कारण बताते हैं कि आखिर क्यों पूजा-पाठ या व्रत के मौके पर लहसुन-प्याज का सेवन नहीं किया जाता-

वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्याज और लहसुन खाने से हमारी कामुक ऊर्जा जागृत होती है. इसके साथ ही पेट में गर्मी पैदा होने लगती है, जो हमारी डाइजेशन सिस्टम के लिए सही नहीं माना जाता. व्यक्ति नवरात्र के अवसर पर अपनी कामुक इच्छाओं पर नियंत्रण रखना चाहता है, इसलिए पूजा-पाठ के दौरान लहसुन-प्याज खाना मना होता है.खो देता है. जो उपासना के मार्ग से भटका सकता है.

इसके साथ ही इसके पीछे एक पौराणिक मान्यता भी है. पौराणिक मान्यता अनुसार, समुंद्र मंथन से निकले अमृत जब भगवान विष्णु देवताओं में बांट रहे थे. इसी दौरान राक्षस राहु और केतू ने द्वारा धोखे से अमृत का सेवन कर लिया गया था. ये बात भगवान विष्णु को जैसे ही मालूम हुआ. उन्होंने क्रोधित होकर दोनों का सर धड़ से अलग कर दिया. राहू और केतु के मुंह में अमृत पहुंच चुका था, इसलिए उसका मुख अमर हो गया, लेकिन घड़ जमीन पर गिर पड़ा. इस दौरान दोनों राक्षसों के मुख से अमृत की कुछ बूंदें जमीन पर गिर गई, जो प्याज और लहसुन के रूप में उपज गई.

प्याज और लहसुन अमृत से उपजे हैं, इसलिए ये रोगों में फायदेमंद साबित होते हैं. क्योंकि ये अमृत राक्षसों के मुख होकर बना है इसलिए इनमें से तेज गंध है और इसी कारण इसे अपवित्र माना जाता है. और इसी लिए पूजा-पाठ के दौरान इसका सेवन नहीं किया जाता.

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First published: 4 April 2019, 14:10 IST
 
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