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क्रिसमस पर क्यों सजाया जाता है 'क्रिसमस ट्री' जानिए इसका पूरा इतिहास

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 December 2018, 15:11 IST

आज पूरी दुनिया में क्रिसमस का त्योहार मनाया जा रहा है. लोग एक-दूसरे को क्रिसमस की बधाईयां दे रहे हैं. ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं क्रिसमस डे का इतिहास और क्रिसमस ट्री के बारे में. क्रिसमस पर लोग अपने घरों को सजाते हैं इसी के साथ घर में एक क्रिसमस ट्री भी लाने की पुरानी परंपरा है. इसलिए इस दिन घर में क्रिसमस ट्री जरूर सजाया जाता है. आज हम आपको क्रिसमस के मौके पर क्रिसमस ट्री सजाने के बारे में ही बताने जा रहे हैं.

ऐसा माना जाता है कि ईसाई धर्म के अस्तित्व में आने से काफी पहले से एवरग्रीन यानि साल भर हरे रहने वाले पौधे और पेड़ों का लोगों के जीवन में काफी महत्व था. वे अपने घरों को उन पेड़ों की डालियों से सजाते थे. उनका मानना था कि ऐसा करने से जादू-टोने का असर नहीं होता है, बुरी आत्माएं, भूत-प्रेत और बीमारियां दूर रहती हैं. प्राचीन मिस्र और रोम के लोग एवरग्रीन पौधों की ताकत और उसकी खूबसूरती पर यकीन करते थे.

क्रिसमस ट्री से जुड़ी एक ऐसी ही कहानी 722 ईस्वी की है. ऐसी मान्यता है कि जर्मनी के सेंट बोनिफेस को पता चल गया था कि कुछ दुष्ट लोग एक विशाल ओक ट्री के नीचे एक बच्चे की कुर्बानी देने वाले हैं. इस बच्चे को बचाने के लिए सेंट बोनिफेस ने ओक ट्री को काट दिया था. उसी ओक ट्री की जड़ के पास एक फर ट्री या सनोबर का पेड़ उग गया. उसके बाद सेंट बोनिफेस ने लोगों को बताया कि वह एक पवित्र वृक्ष है. इस पेड की डालियां स्वर्ग की ओर इशारा करती हैं.

बता दें कि सबसे पहले क्रिसमस के मौके पर क्रिसमस ट्री सजाने का श्रेय जर्मनी को जाता है. लोग इसे 16वीं सदी के महान ईसाई धर्म सुधारक मार्टिन लूथर से भी जोड़ते हैं लेकिन यह प्रमाणित नहीं है, इस कहानी के मुताबिक, करीब 1500 ईस्वी में क्रिसमस की एक पूर्व संध्या वह बर्फ से ढंके जंगलों से होकर गुजर रहे थे.

उन्होंने बर्फ से चमकते पेड़ को देखा. पेड़ की डालियां बर्फ से भरी थीं और चांद की रोशनी में चमक रही थी. जब वह घर आए तो अपने घर पर सनोबर का एक पेड़ लगाया और उसे छोटे कैंडल से सजाया. उन्होंने पेड़ को जीसस क्राइस्ट के जन्मदिन के सम्मान में प्रकाशित किया था, तब से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा शुरू हो गई.

यही नहीं अमेरिका में भी क्रिसमस के मौके पर क्रिसमस ट्री सजाने का संबंध जर्मनी से ही मिलता है. अमेरिका में इसका इतिहास साल 1830 से मिलता है. जब जर्मनी के लोग अमेरिका में गए. उसके बाद अमेरिका में ये परंपरा शुरु हो गई. अमेरिका के पेनिसिल्वानिया में सबसे पहले क्रिसमस ट्री की परंपरा शुरू हुई थी.

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First published: 25 December 2018, 15:11 IST
 
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