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Eid-ul-Fitr 2020: जानिए क्या है चांद और ईद का रिश्ता

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 May 2020, 22:48 IST

रमजना के पवित्र महीने के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है. शुक्रवार को अलविदा जुम्मा हुआ इसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोग शनिवार को ईद के चांद का दीदार करने के लिए लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं लेकिन शानिवार को ईद का चांद दिखाई नहीं दिया जिसके बाज अब सोमवार को ईद मनाई जाएगी.

दिल्ली स्थित जामा मस्जिद के इमाम ने कहा कि चांद आज नहीं दिखा, इसलिए देशभर में सोमवार यानी 25 मई को ईद मनाई जाएगी. ईद-उल-फितर मुस्लिम समुदाय के प्रमुख त्योहार में से एक है.ईद-उल-फितर से पहले पूरे एक महीने अल्लाह की इबादत की जाती है और लोग रोजा रखकर लोग अपनी आत्मा को पाक करते हैं. एक महीने के बाद जब अज्र मिलने के दिन को ही ईद कहा जाता है.


ईद का त्योहार चांद से जुड़ा होता है, मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए यह चांद काफी महत्व रखता है. मुस्लिम धर्म के लोग चंद्रमा की उपस्थिति और उसके अवलोकन द्वारा निर्धारित होने वाले विशेष पंचांग को मानते हैं. रमज़ान के 29 या फिर 30 दिनों के बाद ईद का चांद नज़र आता है.

रमज़ान के महीने की शुरुआत भी चांद से होती है और ख़त्म भी चांद देखने से होता है. जिस दिन ईद-उल-फ़ितर मनाई जाती है वो हिजरी कैलंडर के दसवें महीने शव्वाल यानी शव्वाल उल-मुकरर्म की पहली तारीख होती है. हिजरी कैलंडर की शुरूआत इस्लाम की एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक घटना से मानी जाती है.

माना जाता है कि हज़रत मुहम्मद द्वारा मक्का शहर से मदीना की ओर हिज्ऱत करने से ही हिजरी कैलंडर की शुरूआत हुई थी. शनिवार को देश के किसी भी हिस्से में चांद दिखाई नहीं दिया. ऐसे में रविवार को 30वां रोजा होगा और शव्वाल की पहली तारीख सोमवार को होगी और इसी दिन ईद होगी.

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First published: 23 May 2020, 22:43 IST
 
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