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58 साल गणेशोत्सव पर बना एेसा शुभ संयोग, जानें कैसे करें बप्पा को प्रसन्न

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 August 2017, 13:43 IST

विघ्नहर्ता गणपति भगवान के जन्मोत्सव के स्वरूप पूरे देश में गणेशोत्सव शुरू हो चका है. 25 अगस्त से शुरू हो कर 5 सितंबर तक चलने वाला यह पर्व इस बार विशेष संयोग लेकर आया है. इस बार 58 साल बाद ऐसा योग बना है जब गणपति शनि के मार्गीय होने पर घर में विराजेंगे. वर्ष 1959 के बाद अब जाकर ये संयोग आया है.

इसका सभी राशियों पर सकारात्मक असर पड़ेगा. इस अलावा ये त्योहार हस्त नक्षत्र में पड़ रहा है जो कि बेहद शुभ माना जाता है. वहीं इस साल दो दशमी होने के कारण गणपति बप्पा 10 दिनों तक घरों में विराजमान रहेंगे.

यह है शुभ समय और पूजा का मुहुर्त:
ज्योतिषाचार्य डॉ. अरबिंद मिश्र के मुताबिक गणेश चतुर्थी के दिन 8:24 बजे के बाद भद्रा लग जाएगी और रात तक चलेगी. भद्रा में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित होता है. इसलिए गणपति की स्थापना भद्रा लगने से पहले ही करें. इसके लिए शुभ समय 5:20 मिनट से शुरू होकर 8:24 बजे तक है. वहीं, बहुत से लोग मध्यान्ह में गणपति की स्थापना करते हैं क्योंकि गणपति का जन्म मध्यान्ह काल में हुआ था. ऐसी मान्यता को मानने वाले लोग सुबह 11.05 से लेकर दोपहर 01.39 बजे के बीच गणपति को विराजमान कर सकते हैं.

ईशानकोण में बैठाएं गणपति को:
गणपति जी की मिट्टी की ही मूर्ति लेकर आएं जो विसर्जित करने पर पानी में घुल जाए और इससे किसी जलीय जीव को नुकसान न पहुंचे. घर लाकर मूर्ति को ईशानकोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में ऐसे स्थापित करें कि गणपति की मूर्ति का मुख दक्षिण में रहे. दक्षिण दिशा में राक्षसों का वास माना जाता है और गणपति शुभ का प्रतीक हैं. ऐसा करने से संकट और विघ्न नहीं आते. गणपति उनसे रक्षा करते हैं.

स्थापना करने से पहले उस स्थान पर स्वास्तिक बनाएं और पीले चावल बिछाएं. कलश ईशानकोण में स्थापित करें व दीपक को अग्निकोण में रखें. नवग्रह भी बनाएं. पूजा के दौरान सभी देवी देवताओं, नदियों, पितृों और नवग्रह आदि का आह्वान करके पूजा करें. गणपति बप्पा को पान के पत्ते पर बूंदी या बेसन के लड्डू और दूब घास रखकर भोग लगाएं और जोरदार ढंग से आरती गाकर उनका स्वागत करें.

राशिनुसार श्री गणेश की पूजा:

  • मेष और वृश्चिक राशि वालों को मूंगे या अकीक के गणपति का पूजन करना चाहिए.
  • वृष तथा तुला राशि के जातकों को सफेद आक व स्फटिक से बने गणपति की आराधना करनी चाहिए.
  • मिथुन और कन्या राशि वाले व्यक्ति सभी प्रकार के गणपति का पूजन कर सकते हैं.
  • कर्क व सिंह राशि वाले व्यक्तियों को पार्थिव गणेश पूजन करना चाहिए.
  • धनु एवं मीन राशि वाले हरिद्रा गणपति का पूजन करें तो श्रेष्ठ फल प्राप्त होता है.
  • मकर और कुंभ राशि वाले जातक धातु से बनी गणपति की प्रतिमा का पूजन करें तो ऐसा पूजन सभी सिद्धियों को देने वाला होता है.
First published: 25 August 2017, 13:43 IST
 
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