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Happy Holi 2018: जानिए किस दिन जलेगी होलिका और कब होगी रंगों की होली

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 February 2018, 15:58 IST

इस साल रंगों का पर्व होली का शुक्रवार यानि 2 मार्च को मनाया जाएगा. गुरुवार को होलिका दहन के बाद ही होलाष्टक की समाप्ति हो जाएगी. भारत के साथ विदेशों में भी होली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. होलिका दहन के दिन को कई स्थानों पर छोटी होली के नाम से भी जाना जाता है. इसी के साथ रंग वाली होली के दिन को धुलंडी कहा जाता है.

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 फाल्गुन महीने में मनाई जाती है होली

हिंदू पंचांग के मुताबिक फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होलिका दहन किया जाता है. इसके अगले दिन रंग वाली होली खेली जाती है. इसी के साथ सर्दी का मौसम भी समाप्त हो जाता है. फिर बसंत का आगमन होता है. किसान इस दिन भगवान से फसल में अच्छी पैदावार की प्रार्थना करते हैं.

घरों में की जाती है सुख-शांति के लिए पूजा

इस दिन घरों में सुख-शांति के लिए महिलाएं पूजा-पाठ करती हैं. नारद पुराण के मुताबिक होलिका दहन के अगले दिन यानी रंग वाली होली पर सुबह उठकर पितरों और देवताओं के लिए तर्पण किया जाता है. साथ ही सभी दोषों की शांति के लिए पूजा की जाती है. घर के आंगन को गोबर से लीपकर उसमें एक चौकोर मण्डल का निर्माण किया जाता है.

इस मंडप को रंगीन अक्षतों से अलंकृत कर उसमें पूजा-पाठ किया जाता है. माना जाता है कि ऐसा करने से आयु में वृद्धि होती है और रोगों से मुक्ति मिलती है. बता दें कि होली उमंग और उत्साह का त्योहार माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु के भक्त व्रत भी रखते हैं.

राधा-कृष्ण से कुछ ऐसे जुड़ा है होली का पर्व

रंगों के इस त्योहार को राधा और भगवान कृष्ण की पवित्र प्रेम कहानी से जुड़ा हुआ माना जाता है. कहा जाता है कि वसंत के सुंदर मौसम में एक दूसरे पर रंग डालने की परम्परा कृष्ण की लीलाओं में से एक है. इस दिन मथुरा और वृंदावन में होली राधा और कृष्ण के इसी रंग में डूबी हुई होती है. बरसाने और नंदगांव की लठमार होली देश-विदेश में प्रसिद्ध मानी जाती है.

First published: 28 February 2018, 15:58 IST
 
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