Home » कल्चर » A son, irrespective of his marital status, has no legal right to live in the self-acquired house of his parents
 

हाईकोर्ट: मां-बाप के ख़रीदे घर में रहने का बेटे को क़ानूनी हक़ नहीं

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:39 IST
(सांकेतिक तस्वीर)

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बुजुर्ग दंपति के पक्ष में अहम फैसला देते हुए कहा है कि मां-बाप के खरीदे घर में बेटे के रहने का कोई कानूनी हक नहीं है. इसके साथ ही अदालत ने एक और अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बेटा कुंवारा है या शादीशुदा.

बेटे और बहू के द्वारा बुजुर्ग दंपति को प्रताड़ित करने के मामले में उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि बेटा हक़ जमाने के बजाए अपने माता-पिता की मर्जी और दया के आधार पर ही उनके खरीदे हुए घर में रह सकता है.

जस्टिस प्रतिभा रानी ने कहा कि बेटे का घर पर कोई अधिकार नहीं बनता. दरअसल निचली अदालत ने भी बुजुर्ग दंपति के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बेटे को पिता के घर को खाली करने का आदेश दिया था.

'जिंदगी भर बोझ नहीं बन सकता बेटा'

इसके साथ ही हाईकोर्ट ने आदेश में कहा है कि अगर अच्छे संबंधों की वजह से बेटे के मां-बाप उसे घर में  रहने की इजाजत दे देते हैं, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि बेटा जिंदगी भर उन पर बोझ बना रहेगा.

अदालत ने अपने फैसले में साफ किया कि बेटा केवल तब तक घर में रह सकता है, जब तक कि मां-बाप उसे घर में रहने की इजाजत देते हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में बेटे और उसकी पत्नी की याचिका को खारिज कर दिया.  

'बेटे-बहू ने जीवन नर्क बनाया'  

दरअसल बुजुर्ग दंपति ने बेटे और बहू पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए उन्हें अपने घर से निकालने का आदेश देने की अपील की थी. 

पिता ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा था कि बेटे और बहू ने उनके जीवन को नर्क बना दिया है. जिसके बाद निचली अदालत ने उन्हें घर छोड़ने का आदेश दिया था. 

इस फैसले के खिलाफ बेटे और बहू ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की थी. उनका दावा था कि वे भी प्रॉपर्टी में हिस्सेदार हैं, क्योंकि घर को खरीदने और बनाने में उनका भी योगदान है.

घर खाली करने का आदेश

जस्टिस प्रतिभा रानी ने अपने आदेश में कहा, "बेटा और उसकी पत्नी यह साबित करने में विफल रहे कि वे भी संपत्ति में हिस्सेदार हैं, जबकि मां-बाप ने कागजी सबूतों के जरिए मालिकाना हक साबित किया है."

दिल्ली हाईकोर्ट ने भी अब बेटे और बहू को घर खाली करने का आदेश दिया है. आने वाले दिनों में अदालत का यह फैसला बड़ी नज़ीर साबित होगा.

First published: 30 November 2016, 3:13 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी