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वाराणसी: ऐतिहासिक रत्नेश्वर महादेव मंदिर आकाशीय बिजली गिरने से क्षतिग्रस्त

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 March 2016, 13:03 IST

काशी का ऐतिहासिक रत्नेश्वर महादेव मंदिर शनिवार की देर शाम आकाशीय बिजली गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया. मणिकर्णिका घाट के समीप स्थित इस मंदिर को लोग काशी करवट के नाम से भी जानते हैं.

लगभग 500 साल पुराने रत्नेश्वर महादेव मंदिर पर बिजली गिरने से मंदिर का शिखर टूट गया है. रत्नेश्वर महादेव मंदिर मणिकर्णिका घाट और सिंधिया घाट के मध्य स्थित है.

kashi karvat

मणिकर्णिका घाट पर शवदाह करने आये प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक देर शाम बारिश के बीच तेज प्रकाश के साथ आकाशीय बिजली मंदिर पर गिरी.

बिजली गिरते वक्त इतनी तेज आवाज हुई कि मणिकर्णिका घाट पर शवदाह करने आये लोगों में भगदड़ मच गई. लेकिन थोड़े ही देर में स्थिति सामान्य हुई तो लोगों ने देखा कि काशी करवट का ऊपरी हिस्सा टूट कर जमीन पर गिरा पड़ा था.

काशी के लोग इसे बाबा विश्वनाथ का चमत्कार मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर काशी के महंत और ज्योतिषाचार्य इस घटना को अशुभ संकेत मान रहे हैं. बटुक भैरव मंदिर के महंत जीतेन्द्र मोहन पुरी ने इस घटना के बारे में बताया कि काशी करवट पर बिजली गिरने का मतलब है, बाबा विश्वनाथ ने किसी बड़ी विपत्ति को अपनी नगरी से टाला है.

kashi karvat 1इस ऐतिहासिक मंदिर के बारे में घाट के लोगों का कहना है कि यह मंदिर इतना पुराना है कि इसकी सटीक जानकारी दे पाना बेहद मुश्किल है. किंवदंतियों के मुताबिक इस ऐतिहासिक रत्नेश्वर महादेव (काशी करवट) का निर्माण 15वीं शताब्दी में राजामान सिंह के समय में उनके एक सेवक ने मां के दूध के कर्ज को चुकाने के लिए करवाया था.

जिस मां के लिए इस मंदिर का निर्माण करवाया गया था, उनका नाम रत्ना था. इसलिए इस मंदिर का नाम रत्नेश्वर महादेव पड़ा.

घाट के किनारे यह मंदिर गंगा नदी के किनारे सैकड़ों सालों से एक तरफ झुका हुआ है, इसलिए इस मंदिर को काशी करवट भी कहते हैं.

First published: 14 March 2016, 13:03 IST
 
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