Home » कल्चर » In memory of two greats poet lyricist Nida Fazli and ghazal singer Jagjit Singh
 

'रोते हुए बच्चे को हंसाने वाले' शायर निदा आैर रूह में उतरने वाले जगजीत सिंह को सलाम

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 February 2017, 12:41 IST

दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना, मिल जाए तो मिट्टी है खो जाए तो सोना है... इस बेहतरीन गज़ल को निदा साहब ने लिखा था आैर जगजीत साहब ने अपनी आवाज में पिरोया था. दोनों ही दिग्गज शख्सियत का आज के दिन से गहरा नाता है. जगजीत सिंह का जन्म 8 फरवरी 1941 को श्रीगंगानगर (राजस्थान) में हुआ था आैर निदा फाज़ली साहब ने 8 फरवरी 2016 को आज के दिन दुनिया को अलविदा कह दिया था. 

निदा फाजली उर्दू और हिंदी दुनिया के अजीम शायरों और गीतकारों में आज भी शुमार हैं. उनके गीत काफी सरल माने जाते हैं, जो हर एक की जुबान पर चढ़े रहते थे. एेसी ही खासियत थी गज़ल गायक जगजीत साहब में. एक दौर था जब गजल सुनने वाले लोग चुनिंदा थे, आम लोगों के लिए इसे सुनना आैर समझना आसान नहीं था. उस दौर में जगजीत सिंह की आवाज के जादू ने इसे हर दिल अज़ीज बना दिया. दोनों फ़नकारों को को हर तबके से प्यार मिला और उनके गीतों को काफी पसंद भी किया गया. 

पूरी दुनिया में फैले निदा साहब के दीवानों में से अधिकतर ने उन्हें जगजीत के जरिए ही सुना. निदा फाजली की अधिकतर गजलों को जगजीत सिंह ने ही आवाज दी. या कहिए कि निदा फाजली ने जगजीत सिंह की गायकी को नायाब नज्में दी. पेश है दोनों उस्तादों के मशहूर नगमे...

First published: 8 February 2017, 12:41 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी