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ये हैं देश की 5 तेज तर्रार 'मर्दानी' अधिकारी, एक अंडर वर्ल्ड डॉन के गैंग से ले चुकी हैं टक्कर

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 March 2019, 13:49 IST
Vimla Mehra

हमारे समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी होती है. आधुनिक दौर में महिलाएं हर एक क्षेत्र में अपना एक अलग मुकाम हासिल कर रही हैं. आज देश में महिलाएं पुरुषों से काफी आगे हैं और अपनी एक अलग पहचान बना रही हैं. पूरी दुनिया में 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है.

इसी मौके पर आज हम आपको उन महिलाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जो देश की सबसे तेज तर्रार अधिकारी मानी जाती हैं. चलिए जानते हैं उन महिलाओं के बारे में-

 

अन्ना रजम मल्होत्रा

अन्ना रजम मल्होत्रा का जन्म 1927 में केरल के एर्नाकुलम जिले में हुआ था. ये देश की पहली महिला आईएएस अधिकारी थी. 92 साल की उम्र में पिछले साल सितंबर में इनका निधन हो गया है. अन्ना सचिवालय में पद प्राप्त करने वाली भी पहली महिला थीं. ये बहुत ही दृढ़ और हठीली ईमानदार महिलाओं में से एक थीं. इन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री सी. राजगोपालाचारी के नेतृत्व में मद्रास राज्य में सेवा दी थी.

 

विमला मेहरा

विमला मेहरा 1978 के बैच की IPS अफसर हैं. ये स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस के पद पर नियुक्त होने वाली देश की प्रथम महिला अफसर थीं. विमला किरण बेदी के बाद तिहाड़ जेल में DG की भूमिका में नियुक्त होने वाली दूसरी महिला अधिकारी हैं. इन्होंने ही महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर हेल्पलाइन नम्बर 1091 लॉन्च किया था. उन्होंने महिलाओं के लिए कई सारे सेल्फ डिफेंस प्रोग्राम के आयोजन भी कराए.

 

कंचन चौधरी भट्टाचार्य

कंचन चौधरी भट्टाचार्य डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस(DGP) बनने वाली पहली महिला IPS अफसर थीं. ये 1973 से 2007 तक IPS अफसर रहीं. कंचन चौधरी को प्रेसिडेंट मेडल और राजीव गांधी पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 2014 में हरिद्वार से जनरल एलेक्शन जीतने के बाद उन्होंने आप पार्टी ज्वॉइन कर ली थी.

मीरा बोरवांकर

मीरा बोरवांकर 1981 बैच की कैडर अफसर हैं. इन्हें लेडी सुपरकॉप के रूप में जाना जाता है. ये महाराष्ट्र की पहली महिला IPS अधिकारी हैं. उन्होंने छोटा राजन और दाऊद इब्राहिम की गैंग के सदस्य को गिरफ्तार कर सुर्खियां बटोरी थीं. इन्हीं के जीवन से प्रेरित होकर बॉलीवुड में मर्दानी फिल्म बनी है.

संजुक्ता पराशर

संजुक्ता पराशर 2006 के बैच की IPS महिला अफसर हैं. इनका जन्म का जन्म 3 अक्टूबर, 1979 में हुआ था. संजुक्ता ने नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. ये असम की पहली महिला IPS थीं. इन्होंने बोडो मिलिटेंट ऑफ असम के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी. वो सोनितपुर में सुप्रिटेंडेंट ऑफ पुलिस के ओहदे पर भी नियुक्त रहीं. बोडो चरमपंथी इनके नाम से कांपते हैं.

 

First published: 6 March 2019, 15:19 IST
 
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