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नयनतारा सहगल और नंद भारद्वाज ने साहित्य अकादमी अवॉर्ड वापस लिये

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 January 2016, 16:54 IST

जानीमानी साहित्यकार नयनतारा सहगल और लेखक नंद भारद्वाज ने साहित्य अकादमी को लौटाये गये अपने अवॉर्ड को एक बार फिर से वापस ले लिया है. 

पिछले दिनों साहित्य, कला एवं फिल्म जगत की कई महत्वपूर्ण शख्सियतों ने देश में असहिष्णुता फैलने के नाम पर सरकार द्वारा दिये गये अवॉर्ड को विरोध स्वरुप लौटा दिया था.

सरकार को अवॉर्ड लौटाने की शुरुआत लेखक और साहित्यकार उदयप्रकाश ने की थी. इसके बाद जवाहर लाल नेहरू की भांजी नयनतारा सहगल ने भी सरकार पर असहिष्णुता को बढ़ावा देने के नाम पर अपना साहित्य अकादमी अवॉर्ड लौटा दिया था.

इसके बाद तो जैसे अवॉर्ड लौटाने का सिलसिला ही चल पड़ा. इसके बाद नंद भारद्वाज और अशोक वाजपेयी ने भी अपने अवॉर्ड लौटा दिये थे.

अवॉर्ड वापस लेने के मामले में नयनतारा सहगल ने कहा कि 'मुझे अकादमी ने एक चिट्ठी के जरिए यह सूचना दी कि हम आपको दिया हुआ अवॉर्ड वापस नहीं ले सकते. यह हमारी नीति के खिलाफ है. इसलिए हम यह अवॉर्ड सम्मानपूर्वक आपको वापस भेज रहे हैं.'

वहीं लेखक नंद भारद्वाज ने अवॉर्ड वापस लेने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कहा कि वह इस मामले पर साहित्य अकादमी की प्रतिक्रिया से संतुष्ट हैं. इसलिए अपना अवॉर्ड वापस ले रहे हैं.

गौरतलब है कि दोनों साहित्यकारों ने अपना पुरस्कार ऐसे समय में वापस ग्रहण किया है जब देश में एक दलित छात्र की आत्महत्या का मामला सुर्खियों में है और दो केंद्रीय मंत्रियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं.

First published: 22 January 2016, 16:54 IST
 
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