Home » कल्चर » know who is kaal bhairav
 

काल भैरव की पूजा करने से दूर हो जाती हैं सभी परेशानियां, ये हैं उनसे जुड़ी पौराणिक कथा

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 March 2021, 9:55 IST

दुनिया के तमाम जगहों पर बाबा कालभैरव के मंदिर हैं. मान्यता है कि उनकी पूजा अर्चना करने से व्यक्ति भयमुक्त होता है और उसके जीवन में कई परेशानियां दूर हो जाती हैं. इसके अलावा भगवान भैरव की पूजा करने से रोगों से भी मुक्ति मिलती है.

भगवान काल भैरव को भगवान शिव का रौद्र रूप माना जाता है. इनकी अलग अलग स्थानों पर उन्हें अलग अलग नामों से पूजा जाता है. महाराष्ट्र में खंडोबा के नाम से पूजा अर्चना होती है, वहीं दक्षिण भारत में भैरव का नाम शाश्ता है. लेकिन हर जगह एक बात समान है कि उन्हें काल के स्वामी और उग्र देवता के रूप में ही जाना जाता है.


कहा जाता है कि भगवान शिव के तम गण हैं- भूत, प्रेत, पिशाच, पूतना, कोटरा और रेवती आदि. विपत्ति रोग और मृत्यु के समस्च दूत और देवता उनके सैनिक हैं और इन सभी गणों के अधिनायक है बाबा काल भैरव. कहा जाता है कि काशी के राजा विश्वनाथ हैं और काल भैरव नगर के कोतवाल.

विश्व का एक ऐसा मंदिर जहां महिला रूप में विराजे हैं महादेव, ऐसे होती है पूजा

 

शिव पुराण के मुताबिक अपनी श्रेष्ठता को लेकर एक बार ब्रह्मा, विष्णु और महेश में विवाद पैदा हो गया. तह ब्रह्मा ने शिव की निंदा कर दी.इसके गुस्सा हुए शिव ने रौद्र रूप धारण कर लिया और इसी रौद्र रूप से काल भैरव का जन्म हुआ. काल भैरव ने अपने अपमान का बदला लेने के लिए ब्रह्मा के पांचवे सिर को काट दिया. इससे भैरव पर ब्रह्म हत्या का दोष लग गया.

ब्रह्म हत्या से मुक्ति पाने के लिए काल भैरव को प्रायश्चित करने का कहा. काल भैरव ने प्रायश्चित स्वरूप त्रिलोक का भ्रमण किया. लेकिन काशी पहुंचने के बाद वे ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्त हो सके. तब से काल भैरव काशी में ही स्थापित हो गए और शहर कोतवाल कहलाने लगे.

पूजा करने से दूर होगी समस्याएं-
काल भैरव की उपासना का मंत्र ॐ काल भैरवाय नमः है.
यदि आप कर्ज में डूबे हैं और कर्ज न उतर रहा हो तो हर बुधवार जितना हो सके कम या ज्यादा काली मिठाई गरीबों में बांटे.
अचानक संकट आने लगे और सब अपने साथ छोड़ने लगे तो शनिवार को ॐ भैरवाय नमः का जाप करके नारियल भैरव जी के चरणों में अर्पित करें. धीरे-धीरे परेशानियां समाप्त होने लगेंगी.

Kharmas 2021 : इस दिन से शुरू हो रहा है खरमास, नहीं कर पाएंगे कोई शुभ कार्य

First published: 3 March 2021, 9:55 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी