Home » कल्चर » Labour Day celebrated every year on 1st May This day is a national holiday in more than 80 countries
 

Labour Day: 80 देशों में मनाए जाने वाले मजदूर दिवस का संघर्ष भरा है इतिहास

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 May 2017, 9:36 IST

एक मई को दुनिया के कई देशों में लेबर डे मनाया जाता है और इस दिन देश की लगभग सभी कंपनियों में छुट्टी रहती है. भारत ही नहीं दुनिया के करीब 80 देशों में इस दिन राष्‍ट्रीय छुट्टी होती है.

भारत में मजदूर दिवस की शुरुआत
भारत में मजदूर दिवस कामकाजी लोगों के सम्‍मान में मनाया जाता है. भारत में लेबर किसान पार्टी ऑफ हिन्‍दुस्‍तान ने 1 मई 1923 को मद्रास में इसकी शुरुआत की थी. हालांकि उस समय इसे मद्रास दिवस के रूप में मनाया जाता था.

मजदूर दिवस का इतिहास

अंतराष्‍ट्रीय तौर पर मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत 1 मई 1886 को हुई थी. अमेरिका के मजदूर संघों ने मिलकर निश्‍चय किया कि वे 8 घंटे से ज्‍यादा काम नहीं करेंगे. जिसके लिए संगठनों ने हड़ताल किया. इस हड़ताल के दौरान शिकागो की हे मार्केट में बम ब्लास्ट हुआ. जिससे निपटने के लिए पुलिस ने मजदूरों पर गोली चला दी जिसमें कई मजदूरों की मौत हो गई और 100 से ज्‍यादा लोग घायल हो गए.

इसके बाद 1889 में अंतरराष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन में एलान किया गया कि हेमार्केट नरसंहार में मारे गए निर्दोष लोगों की याद में 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाएगा और इस दिन सभी कामगारों और श्रमिकों का अवकाश रहेगा.

श्रीलंका के राष्ट्रपति प्रेमदासा की मौत

1 मई 1993 को मजदूर दिवस की रैली के दौरान लिट्टे (लिबरेशन टाइगर ऑफ तमिल ईलम) के आत्मघाती हमले में श्रीलंका के राष्ट्रपति प्रेमदासा की हत्या कर दी गई थी.

कैसे हैं वर्तमान हालात

आज भी हमारे भारत देश में लाखों लोगों से बंधुआ मजदूरी कराई जाती है. जब किसी व्यक्ति को बिना मजदूरी या नाम-मात्र पारिश्रमिक के मजदूरी करने के लिए बाध्य किया जाता है या ऐसी मजदूरी कराई जाती है, तो वह 'बंधुआ मजदूरी' कहलाती है.

अगर देश में कहीं भी बंधुआ मजदूरी कराई जाती है, तो वह सीधे-सीधे बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम 1976 का उल्लंघन होगा. यह कानून भारत के कमजोर वर्गों के आर्थिक और वास्तविक शोषण को रोकने के लिए बनाया गया था, लेकिन आज भी जनसंख्या के कमजोर वर्गों के आर्थिक और वास्तविक शोषण को नहीं रोका जा सका है.

First published: 1 May 2017, 9:36 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी