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जानें महाराणा प्रताप कैसे बने 'कीका' से 'बाहुबली'

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 May 2017, 13:32 IST
प्रतीकात्मक तस्वीर

महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई, 1540 को हुआ था. हिन्दू पंचांग विक्रम संवत की मानें तो उनकी जयंती हर साल ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. प्रताप राजस्थान के मेवाड़ में कुम्भलगढ़ में सिसोदिया राजवंश के महाराणा उदय सिंह एवं माता राणी जीवत कंवर के घर जन्मे थे. उनके शौर्य और बहादुरी के किस्से आज भी चर्चित हैं. जानें उनके बारे में कुछ जाने-अनजाने किस्से: 

1. महाराणा प्रताप को बचपन में कीका के नाम से पुकारा जाता था. इतना ही नहीं ये भी कहा जाता है कि महाराणा प्रताप ने अपने जीवन में 11 शादियां की थीं. उनका वजन 110 किलो और हाइट 7 फीट 5 इंच थी. 

2. महाराणा प्रताप के घोड़े का नाम चेतक था, जो काफ़ी तेज़ दौड़ता था. चेतक मारवाड़ी नस्ल का घोड़ा था. माना जाता है कि इस नस्ल के घोड़े काफ़ी फुर्तीले होते हैं. महाराणा प्रताप को बचाने के लिए वह 26 फीट लंबे नाले के ऊपर से कूद गया था. महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक का एक मंदिर भी बना है, जो आज भी हल्दीघाटी में सुरक्षित है. चेतक के लिए मशहूर हैं ये पंक्तियां...

रण बीच चौकड़ी भर-भर चेतक बन गया निराला था
राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा को पाला था
जो बाग हवा से ज़रा हिली लेकर सवार उड़ जाता था
राणा की पुतली फिरी नहीं तब तक चेतक मुड़ जाता था

3. महाराणा प्रताप का भाला 81 किलो वजन का था और उनके छाती का कवच 72 किलो का था. उनके भाला, कवच, ढाल और साथ में दो तलवारों का वजन मिलाकर 208 किलो था. महाराणा प्रताप हमेशा दो तलवार रखते थे, एक अपने लिए और दूसरी निहत्थे दुश्मन के लिए.

4. हल्दीघाटी का प्रसिद्ध युद्ध महाराणा प्रताप और मुगल बादशाह अकबर के बीच 18 जून, 1576 ईसवी को लड़ा गया था. हल्दीघाटी के युद्ध में चेतक की भी मौत हुई. शत्रु सेना से घिर चुके महाराणा प्रताप को उनके भाई शक्ति सिंह ने बचाया. हल्दीघाटी की जंग केवल एक दिन चली, जिसमें 17 हजार लोग मारे गए. हालांकि इस युद्ध में न महाराणा प्रताप की हार हुई और न ही अकबर जीत सका. 

5. हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप के पास सिर्फ 20000 सैनिक थे और अकबर के पास 85000 सैनिक. इसके बावजूद महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी और संघर्ष करते रहे. कहते हैं कि अकबर ने महाराणा प्रताप को समझाने के लिए 6 शान्ति दूतों को भेजा था, जिससे युद्ध को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म किया जा सके, लेकिन महाराणा प्रताप ने यह कहते हुए हर बार उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया कि राजपूत योद्धा यह कभी बर्दाश्त नहीं कर सकता.

6. महाराणा प्रताप की तलवार कवच आदि सामान उदयपुर राज घराने के संग्रहालय में आज भी सुरक्षित हैं. यह भी कहा जाता है कि अकबर ने महाराणा प्रताप को कहा था कि अगर तुम हमारे आगे झुकते हो तो आधा भारत आप का रहेगा, लेकिन महाराणा प्रताप ने कहा मर जाऊंगा लेकिन सिर नहीं झुकाऊंगा.

7. अकबर महाराणा प्रताप के सबसे बड़े शत्रु थे, लेकिन उनकी मौत का समाचार सुनकर अकबर भी रोने लगे थे. कई इतिहासकार मानते हैं कि हृदय से वो महाराणा प्रताप के गुणों के प्रशंसक थे. मुगल बादशाह अकबर, महाराणा प्रताप की वीरता से काफी प्रभावित थे.

First published: 9 May 2017, 13:32 IST
 
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