Home » कल्चर » mahashivratri 2018 significance of the holy festival mahashivratri in hindu religion
 

महाशिवरात्रि 2018: देवों के देव महादेव का पर्व महाशिवरात्रि, जानिए महत्व और मुहूर्त

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 February 2018, 23:27 IST

देशभर में मंगलवार को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा. महाशिवरात्रि का त्योहार शिवभक्तों का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है. भगवान शिव को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है. जैसे बाबा भोलेनाथ, शिवशंकर, शिवभम्भू, शिवजी, नीलकंठ और रूद्र. हिन्दू धर्म में भगवान शिव को देवी-देवताओं में सबसे श्रेष्ठ माना जाता है. उन्हें देवों के देव महादेव कहा जाता है.

ये भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ के इस शहर में भी होता है कुंभ मेले का आयोजन

क्या होता है महाशिवरात्रि के दिन

महाशिवरात्रि के दिन शिव मंदिरों में शिव भक्तों की खासी भीड़ इकट्ठी होती है. इस दौरान मंदिरों में जल-दूध के साथ बेर चढ़ाए जाते हैं. वैसे शिवरात्रि का त्योहार साल में दो बार मनाया जाता है. एक फाल्गुन के महीने में और दूसरा श्रावण के महीने में. फाल्गुन के महीने की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है. इसे फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है. महाशिवरात्रि के मौके पर श्रद्धालु कावड़ से गंगाजल भरकर लाते हैं और भगवान शिव को जल चढ़ाते हैं. या यों कहें कि भगवान शिव को गंगाजल से स्नान कराया जाता है.

पुराणों में मिलता है महाशिवरात्रि का उल्लेख

कई प्राचीन पुराणों में महाशिवरात्रि का उल्लेख और महत्व मिलता है. इनमें स्कंद पुराण, लिंग पुुराण और पद्म पुराण शामिल हैं. शैव धर्म परंपरा की एक पौराणिक कथा के मुताबिक, यह वह रात है जब भगवान शिव ने संरक्षण और विनाश के स्वर्गीय नृत्य का सृजन किया था. वहीं कुछ ग्रंथों में इस दिन को भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह होना माना जाता है.

हिन्दू धर्म में सबसे अधिक लोकप्रिय हैं भगवान शिव

भगवान शिव हिंदू धर्म में सबसे लोकप्रिय देवता माने जाते हैं. इसलिए शिवभक्त इनकी आराधना में कोई कसर नहीं छोड़ते. लेकिन भगवान शिव की सरलता के मुताबिक ही इनकी पूजा की विधि भी बहुत सरल मानी जाती है. कहा जाता है कि शिव को कोई भक्त अगर सच्चे मन से याद करता है तो भगवान शिव प्रशन्न हो जाते हैं और उसकी हर मनोकामना पूरी कर देते हैं.

वैसे भगवान शिव का भक्तगण जलाभिषेक करते हैं और कहीं कहीं जागरण का आयोजन भी किया जाता है. शिव के भक्त हर सोमवार को अपने इष्टदेव का उपवास रखकर भी इन्हें खुश करने की कोशिश करते हैं. कहा जाता है कि भगवान शिव की आराधना तो असुरों के राजा ने भी थी और वो उनकी उपासना करते थे.

कब है महाशिवरात्रि मनाने का शुभ मुहूर्त

महाशिवरात्रि का पर्व हर साल फाल्गुन कृष्ण पक्ष में चतुर्दशी के दिन मनाया जाता है. इस साल इस त्योहार को मनाने के लिए शुभमुहूर्त चतुर्दशी तिथि 13 फरवरी, 2018 को रात्रि 11:34 को प्रारंभ होगा. जो कि त्रयोदशी तिथि से युक्त है और अगले दिन यानि 14 फरवरी को रात्रि 12:46 तक रहेगा.

First published: 12 February 2018, 14:57 IST
 
अगली कहानी