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Mahavir jayanti 2020: जानिए कौन थे भगवान महावीर, ऐसे मनाया जाता है महावीर जयंती का पर्व

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 April 2020, 10:07 IST

पूर्व स्वामी महावीर Mahavir Jayanti 2020 के जन्मदिन चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को महावीर जंयती मनाई जाती है. ऐसे में इस बार महावीर जयंती 6 अप्रैल को मनाई जाएगी.स्वामी महावीर जैन धर्म के 24 वें तीर्थकार थे.इसी के चलते उनके जन्मदिन पर ये त्यौहार मनाया जाता है.

जैन धर्म की मान्यताओं के मुताबिक स्वामी महावीर का जन्म बिहार के कुंडलपुर के राज परिवार में हुआ था. उन्हें बचपन में वर्धमान नाम से पुकारा जाता था. महावीर ने 30 साल के थे जब उन्होंने अपना घर छोड़ दिया था और दीक्षा लेने चले गए थे. दीक्षा लेने के बाद महावीर ने 12 साल तक तपस्या की थी. तक तपस्या की थी. उनका सबसे बड़ा सिद्धांत अहिंसा है. तभी उनके हर भर्तों को अहिंसा के साथ, सत्य, अचौर्य, बह्मचर्य और अपरिग्रह के पांच व्रतों का पालन करना आवश्यक होता है.


कहा जाता है कि माहावीर का मानना था कि किसी से हाथ जोड़कर धर्म हासिल नहीं किया जा सकता है. वो कहते थे कि धर्म कोई वस्तु नहीं जो मांगने से मिलेगी इसे खुद धारण करना होता है. धर्म जीतने से मिलता है, जिसके लिए संघर्ष बहुत जरूरी है. महावीर भक्ति में नहीं बलिक ज्ञान और कर्म में विश्वास रखते थे. 

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इस तरह से मनाई जाती है महावारी जयंती
जैन धर्म को मानने वाले लोगों की तदाद सबसे ज्यादा राजस्थान और गुजरात में देखते को मिलती हैं. इसी के चलते इन राज्यों में इस पर्व को महापर्व की तरह मनाया जाता है. जयंती के दिन महावीर की मूर्तियों का अभिषेक किया जाता है. जिसके बाद मूर्ति को रथ में बैठाकर शोभायात्रा निकाली जाती है.

इस शोभा यात्रा में जैन धर्म के अनुयायी हिस्सा लेते हैं. महावीर जयंती के दिन जगह-जगह पंडाल लगाए जाते हैं जिसके तहत जरूरतमंदों और गरीब लोगों की मदद करते हैं. कई जगहों पर तो महावीर जयंती वाले दिन मांस और शराब तक की दुकाने भी बंद रहती है.

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First published: 3 April 2020, 12:12 IST
 
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