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Makar Sankranti 2020: मकर सक्रांति से सूर्य की किरणों का क्यों माना जाता है विशेष महत्व

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 January 2020, 12:29 IST

Makar Sankranti 2020; मकर संक्रांति कैलेंडर का पहला प्रमुख हिंदू त्योहार माना जाता है. इसे भारत के कई हिस्सों में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है. यह ज्योतिषीय संकेत मकर या मकर में सूर्य के संक्रमण को चिह्नित करता है. ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति से सूर्य की किरणें सेहत लाभदायक होती है. 14 जनवरी को सूर्य उत्तरायण होंगे और 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व देशभर में धूम-धाम से मनाया जाएगा.

मकर संक्रांति का उल्लेख वैदिक धर्मग्रंथ, धर्मसूत्र और आचार संहिता में विस्तार से किया गया है और इसके महत्व की चर्चा की गई है. मकर संक्रांति हिंदू पंचांग के अनुसार पौष शुक्ल पक्ष में मनाई जाती है. मकर संक्रांति में 'मकर' शब्द का अर्थ मकर राशि से होता है जबकि 'संक्रांति' का अर्थ प्रवेश है. यानी इस दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है. 

धार्मिक मान्यताएं हैं कि जब सूर्य पूर्व से दक्षिण की ओर बढ़ता है तो इसकी किरणों को नुकसानदायक माना जाता है. लेकिन जब सूर्य पूर्व से उत्तर की ओर चलने लगता है, तब सूर्य की किरणों को लाभकारी माना जाता है. मकर संक्रांति को अहमदाबाद में उत्तरायण के रूप में जाना जाता है. इसी तरह देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे अलग-अलग तरह से मनाया जाता है. 

यह त्योहार दो दिनों के लिए मनाया जाता है, अर्थात् 14 जनवरी (उत्तरायण) और 15 जनवरी (वासी-उत्तरायण). इस त्यौहार का मुख्य आकर्षण पतंग उड़ाने की प्रतियोगिता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं. मकर संक्रांति दक्षिणी राज्य हैदराबाद में तीन दिन तक बनाया जाता है.

देश के अलग-अलग राज्यों मेें ऐसे मनाते हैं मकर संक्रांति, यहां होती है सबसे खास

First published: 10 January 2020, 16:53 IST
 
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