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इस मंदिर में दूर हो जाता है हर दोष का निवारण, ये है महत्व

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 December 2020, 16:00 IST

भारत में एक ऐसी जगह है, जिसे मंगल का उत्पत्ति स्थान माना गया है. यहां कई ऐसे चमत्कारिक मंदिर हैं जिनमें करोड़ों लोगों की आस्था है. इस स्थान पर बने मंदिर के संबंध में ये मान्यता है कि यहां मंगल से जुड़े हर दोष का निवारण हो जाता है. उज्जैन स्थित मंगल नाथ इस मंदिर की मान्यता देश और विदेश में है.

मंगलनाथ मंदिर भारत की प्रमुख धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित है. माना जाता है कि उज्जैन के प्रमुख मंदिरों में से एक यह मंदिर भक्तों की सभी विपदाओं को हर लेता है और अनिष्ट ग्रहों की शांति के लिए मंदिर में पूजा-पाठ करवाते हैं. पुराणों के मुताबिक उज्जैन को मंगल की जननी भी कहा जाता है.इसलिए यहां पर मंगल दोष से पीड़ित जातक अपने दोष के निवारण हेतु आते हैं.


धार्मिक मान्यता है कि जिन लोगों की कुंडली में मांगलिक दोष होता है वो यहां आकर उसके उपाय हेतु पूजा-पाठ एवं कर्म-कांड करवाते हैं. मंगल ग्रह को समर्पित इस मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं. दरअसल मंगल दोष एक ऐसी स्थिति है, जो किसी भी जातक की अगर कुंडली में बन जाये तो उसकी जिंदगी में एक तरह की उथल-पुथल मच जाती है.

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बता दें कि मंगल दोष कुंडली के किसी भी घर में स्थित अशुभ मंगल के द्वारा बनाए जाने वाले दोष को कहते हैं, जो कुंडली में अपनी स्थिति और बल के चलते जातक के जीवन के अन्य अन्य क्षेत्रों में समस्याएं पैदा कर सकता है. ये दोष पूरी तरह से ग्रहों की स्थति पर आधारित है. वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को क्रूर ग्रह माना गया है. इसी के कारण ही कुंडली में मंगल दोष पैदा होता है. ग्रह की शांति के उपाय करने से कुंडली में मंगल दोष का प्रभाव कम हो जाता है.

इसके लिए आप चाहे तो हनुमान जी की आराधना, बजरंग बाण, हनुमान चालीसा और जाप तथा अन्य प्रकार के उपाय से मंगल दोष निष्प्रभावी होता है.जिन लोगों के कुंडली में मंगल दोष है तो उसे उज्जैन के मंगल नाथ मंदिर में जरूर जाना चाहिए. मंगल नाथ के दर्शन और पूजा पाठ करने मंगल दोष के छुट्टी मिल जाती है. इसी के साथ वैवाहिक जीवन में खुशहाल रहता है.

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First published: 31 December 2020, 16:00 IST
 
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