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जानें दिवाली की पूजा का शुभ मुहूर्त आैर आपकी राशि पर कैसा होगा असर

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 October 2016, 13:41 IST

दिवाली की तैयारी के लिए घर में सफाई से लेकर खरीददारी तक हर चीज का ध्यान रखा जाता है. अगर आप भी कर रहे हैं दिवाली की खास तैयारी तो पहले जानें कर्इ जरूरी बातें, जो आपके घर को खुशियों से भर देंगी. 

जानें दिवाली का मतलब 

'दिवाली' संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है और वो दो शब्द हैं 'दीप' अर्थात 'दीपक' और 'आवली' अर्थात 'लाइन' या 'श्रृंखला', जिसका मतलब हुआ 'दीपकों की श्रृंखला'. दीपक को स्कन्द पुराण में सूर्य के हिस्सों का प्रतिनिधित्व करने वाला माना गया है. 

खरीददारी की तैयारी कर रहे हैं तो जान लें...

दिवाली से पहले आने वाला पुष्य नक्षत्र खरीददारी के लिए शुभ माना जाता है. अगर यह नक्षत्र सोमवार, गुरुवार और रविवार को आता है तो यह नक्षत्र ज्यादा फलदायी होता है. इस साल कार्तिक अमावस्या से पहले पुष्य नक्षत्र दो दिन का पड़ रहा है. इस दिन आपको अपने आराध्य देव और कुलेदवता की पूजा करनी चाहिए. इस पूजा से मां लक्ष्मी बेहद प्रसन्न होती हैं और आपके घर में धनवर्षा होती है. 

पुष्य नक्षत्र के दिन नए बही-खातों और लिखा-पढ़ी की चीजों को शुभ मुहूर्त में खरीद कर उन्हें व्यापारिक प्रतिष्ठान में स्थापित करना चाहिए. साथ ही सोना-चांदी, बहुमूल्य रत्न, ज्वैलरी आदि भी खरीदना शुभ होता है

पुष्य नक्षत्र पर खरीदारी का शुभ मुहुर्त

सुबह 9 से 10:30

सुबह 10:31 से 12 बजे और शाम 7:30 से 9:01 तक

दोपहर 1:30 से 3 बजे और 8 से 7:30 बजे तक

घर में नहीं होगी पैसों की कमी

रवि पुष्य नक्षत्र पर एकाक्षी नारियल का पूजन करने से घर में कभी भी पैसों की कमी नहीं रहती है. इस नारियल में ऊपर की ओर एक आंख के जैसे निशान होता है, इसलिए इसे एकाक्षी नारियल कहा जाता है. इसे साक्षात देवी मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है. अगर रवि पुष्य नक्षत्र के दिन एकाक्षी नारियल की विधि-विधान से पूजा की जाए, तो घर में धन और वैभव बना रहता है. 

पूजन और स्थापना का विधि-विधान

नहाने के बाद सफेद वस्त्र पहनें.  इसके बाद रविपुष्य नक्षत्र के दिन शुभ मुहूर्त में थाली में चंदन या कुंकुम से अष्ट दल बनाकर उस पर इस नारियल को रख दें और अगरबत्ती व दीपक लगा दें. 

अब नारियल को गंगा जल से शुद्ध करके फूल, चावल, फल और प्रसाद चढ़ाएं. साथ ही नारियल को लाल रंग की चुन्नी भी चढ़ाएं. इसके बाद एकाक्षी नारियल को रेशमी कपड़े से लपेट दें और उससे पहले केसर से यह मंत्र लिखें- ऊॅं श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं महालक्ष्मीं स्वरूपाय एकाक्षिनालिकेराय नम: सर्वसिद्धि कुरु कुरु स्वाहा. ऊॅं ऐं ह्रीं श्रीं एकाक्षिनालिकेराय नम: मंत्र पढ़ते हुए उस पर 108 गुलाब की पंखुड़ियां चढ़ाएं. हर पंखुड़ी चढ़ाते समय इस मंत्र का उच्चारण करते रहें. 

अगले दिन से दिवाली तक रोज 21 गुलाब से पूजा करें और उस रेशमी वस्त्र में लिपटे हुए नारियल को पूजा स्थान पर रख दें. इस प्रकार एकाक्षी नारियल को स्थापित करने से घर में सदा धन-वैभव बना रहता है. 

जानें राशियों पर  क्या पड़ रहा है प्रभाव

मेष- आर्थिक क्षेत्र से संबंधित लाभ के योग बन रहे. 

वृषभ- नवीन वस्तुओं की खरीदारी से लाभ होगा. 

मिथुन- संपत्तिगत, कॅरियर, व्यापार एवं सर्विस से संबंधित लाभ होगा. 

कर्क- भाग्यजनित सफलता एवं पराक्रम में वृद्धि के योग हैं. 

सिंह- आर्थिक क्षेत्र में प्रगति एवं धन लाभ होगा. 

कन्या- विवाह, प्रेम एवं दाम्पत्य जीवन से संबंधित सुखों की प्राप्ति होगी. 

तुला- शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगा. पुरानी समस्याओं का समाधान होगा. 

वृश्चिक- शिक्षा, व्यापार, कॅरियर व संतान पक्ष विषयक लाभ के योग. 

धनु- नए शुभ समाचार की प्राप्ति के योग. 

मकर- पुरानी समस्याओं का अंत होगा व नए कार्य की शुरुआत होगी. 

कुंभ- आर्थिक क्षेत्र, कॅरियर एवं सर्विस में लाभकारी परिवर्तन के योग. 

मीन- अविवाहित जातकों को विवाह से संबंधित लाभ होगा एवं विवाहित जातकों के वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी.   

First published: 24 October 2016, 13:41 IST
 
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