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अपने जीवन में प्रेम संबंधी बाधाओं को करना है दूर तो मां कात्यायनी की ऐसे करें पूजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 April 2019, 11:18 IST

नवरात्र के छठवें दिन दुर्गा मां के छठे स्वरूप में मां कात्यायनी की पूजा की जाती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कात्यायनी मां का जन्म कात्यायन ऋषि के घर हुआ था. इसिलए इन्हें कात्यायनी कहा जाता है. मां कत्यानी की चार भुजाएं हैं, जिसमें अस्त्र-शस्त्र और कमल का पुष्प है. इनकी सवारी वाहन सिंह है. कहावत है कि कृष्ण की प्राप्ति के लिए गोपियों ने मां कत्यानी की पूजा की थी, इसलिए जो कन्याएं मनचाहा वर चाहती हैं वह मां कत्यानी की पूजा करती हैं.

कैसे करें मां कात्यायनी की पूजा?

मां कत्यानी की पूजा पीले या लाल वस्त्र धारण करके करनी चाहिए.
नवरात्र के छठवे दिन पीले फूल और पीला नैवेद्य अर्पित करना चाहिए. मां कत्यानी को शहद अर्पित करना काफी शुभ माना जाता है.
प्रेम संबंधी बाधाओं को अगर आप दूर करना चाहते हैं, तो मां कत्यानी कोे सुगन्धित पुष्प अर्पित करें.
फूल अर्पित करने के बाद मां के सामने उनके मन्त्रों का जाप करें.

विवाह में आए बाधा तो ऐसे करें पूजा-

गोधूलि बेला में पीले वस्त्र धारण करें.
मां के सामने दीपक जलाएं और उन्हें पीले फूल अर्पित करें.
इसके बाद मां कात्यानी को 3 गांठ हल्दी की चढ़ाएं.
इसके बाद मां कात्यायनी के मन्त्रों का जाप करें.

मां कात्यायनी का मंत्र

"कात्यायनी महामाये , महायोगिन्यधीश्वरी।

नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः।।"

इस मंत्र का जाप करने के बाद हल्दी की गांठों को अपने पास सुरक्षित रख लें.
मां कात्यायनी को शहद चढाने से फल जल्दी प्राप्त होता है.
शहद को चांदी या फिर मिट्टी के बर्तन से अर्पित करने पर फल की प्राप्ती जल्द होती है.

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First published: 11 April 2019, 9:11 IST
 
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