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नवरात्रि के तीसरे दिन लाल वस्त्र धारण करके मां चंद्रघंटा की ऐसे करें पूजा, सभी मंगल दोष होंगे दूर

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 April 2019, 9:14 IST

नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा के स्वपरूप की पूजा की जाती है.  मां चंद्र घंटा  के सिर पर घंटे के आकार का चन्द्रमा है. इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है. इनके दसों हाथों में अस्त्र-शस्त्र हैं और इनकी मुद्रा युद्ध की मुद्रा है.  ज्योतिष के अनुसार मां चंद्रघंटा का संबंध मंगल ग्रह से होता है. 

मां चंद्रघंटा की पूजा विधि क्या है?

नवरात्र के तीसरे दिन लाल वस्त्र धारण करके पूजा करने से उत्तम फल मिलता है.
मां को लाल पुष्प, रक्त चन्दन और लाल चुनरी समर्पित करना उत्तम होता है.
अतः इस दिन की पूजा से मणिपुर चक्र मजबूत होता है और भय का नाश होता है.
इनकी पूजा से मणिपुर चक्र मजबूत होता है.
अगर इस दिन की पूजा से कुछ अद्भुत सिद्धियों जैसी अनुभूति होती है, तो उस पर ध्यान न देकर आगे साधना करते रहनी चाहिए.

 

कष्ट निवारण के लिए करें ये प्रयोग-

यदि आपकी कुंडली कमजोर है या फिर आपकी कुंडली में मंगल दोष है, तो मां चंद्रघंटा की पूजा विशेष परिणाम दे सकती है.

मां चंद्रघंटा को लाल फूल , तांबे का सिक्का या फिर तांबे से बनी वस्तु और हलवा का भोग लगाएं, ऐसा करने से आपको उचिल फल प्राप्त होगा.
पहले मां के मन्त्रों का जाप करें फिर मंगल के मूल मंत्र "ॐ अँ अंगारकाय नमः" का जाप करें.
तांबे के सिक्के में छेद करवाकर लाल धागे में गले में धारण कर लें. ऐसा करने से आपके सारे कष्ट दूर हो जाएंगे.

मां की उपासना का मंत्र-

पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता।

प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥

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First published: 8 April 2019, 9:14 IST
 
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