Home » कल्चर » Oxford college students approved Gender Neutral Toilets, Summervilles is 12th college in the series
 

इस कॉलेज में महिला-पुरुष के लिए एक ही शौचालय

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 January 2018, 14:03 IST
प्रतीकात्मक तस्वीर (wikimedia)

लैंगिक भेदभाव से निपटने के लिए एक कॉलेज में अब महिला-पुरुष आदि के लिए अलग-अलग की बजाए एक कॉमन शौचालय बनाया जाएगा. इसके लिए स्टूडेंट्स ने स्वीकृति दे दी है.

यह मामला है कि इंग्लैंड स्थित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का. यहां के ऑक्सफोर्ड कॉलेज के स्टूडेंट्स ने लैंगिक तटस्थता वाले शौचालय (ऐसे शौचालय जिसमें हर लिंग के व्यक्ति जा सकें- Gender Neutral) बनाए जाने को हरी झंडी दे दी है.

डेलीमेल के मुताबिक, स्टूडेंट्स ने यह अनुमति अपने पिछले फैसले से यू-टर्न लेते हुए दी है, जिसमें कहा गया था कि इस फैसले से शोषण की घटनाओं में ईजाफा होने का डर है. पिछले सत्र में यूनिवर्सिटी के समरविले कॉलेज ने इससे मिलते-जुलते एक प्रस्ताव को खारिज करने के बाद अब इसे स्वीकृति दे दी है.

इन कॉलेज में शौचालय के बाहर बने संकेत में अब 'महिला' या 'पुरुष' (मेल-फीमेल) नहीं लिखा होगा. इनकी बजाय हर शौचालय के बाहर Gender Neutral Toilets with Cubicles या फिर Gender Neutral Toilets with Urinals लिखा होगा.

इस प्रस्ताव को रखने वाले समरविले कॉलेज के लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर एंड क्वेश्चनिंग ऑफिसर (LGBTQ) ईलिध विलसन ने घोषणा की, "यह साइनेज (संकेत चिन्हों) से भी काफी ज्यादा बड़ी बात है, यह भिन्न लैंगिक पहचान वाले स्थानों की कमी के बारे में है और बदलाव की जरूरत के बारे में है."

उन्होंने आगे कहा, "यह समरविले में LGBTQ समुदाय की जीत है और मुझे उम्मीद है कि यह अन्य कॉलेजों में भी इसी तरह के रास्ते को आगे ले जाने का जरिया बनेगा."

कॉलेज में इस संबंध में आयोजित एक चुनाव में गुप्त मतपेटी में करीब 80 फीसदी ने Gender Neutral Toilets के पक्ष में मत डाले थे. इस बार आए नतीजे बीते नवंबर में इसी संबंध में आयोजित मतदान के बिल्कुल उलट थे.

हालांकि, कॉलेज की कुल छात्राओं इस बारे में चिंता जताते हुए कहा है कि उन्हें डर है कि इस कदम से पुरुष छात्रों को शोषण करने का ज्यादा मौका मिल सकता है. गौरतलब है कि 1990 तक यह कॉलेज केवल महिलाओं के लिए ही था.

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में समरविले 12वां ऐसा कॉलेज है जिनमें Gender Neutral Toilets बनेंगे. इससे पहले वैधम, बैल्लिऑल, सें हग्स और सेंट जॉन्स आदि में Gender Neutral Toilets बने हुए हैं.

First published: 27 January 2018, 14:01 IST
 
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