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देश के वो 5 गांव जहां विनाश होने के डर से नहीं मनाते होली, रंगों के त्योहार पर छाई रहती है वीरानी

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 March 2019, 12:11 IST

होली एक ऐसा पर्व है, जहां चारों ओर खुशियों का रंग बिखरा होता है. लोग हर्षोल्लास के साथ एक-दूसरे पर गुलाल और रंग डालकर खुशियों की होली मनाते हैं. इस खुशी के मौके पर जहां पूरे देश में रंग बिखरा रहता है. वहीं, हमारे देश में ही कई ऐसे गांव हैं जहां होली के अवसर पर वीरानी पसरी रहती है. चलिए जानते हैं किस राज्य में हैं ये गांव

मध्य प्रदेश का डडुआ गांव

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के डडुआ गांव में 125 सालों से होली नहीं मनाई जाती. यहां के लोग अंधविश्वास की वजह से होली नहीं मनाते. बताया जाता है कि यहां होली के मौके पर एक प्रधान की पानी में डूबकर मौत हो गई, तब से यहां के लोग होली का उत्सव नहीं मनाते हैं.

हरियाणा के गुहल्ला चीका गांव

हरियाणा के कैथल में स्थित गुहल्ला चीका गांव में पिछले 150 सालों से होली नहीं मनाई जाती. देश में चारों ओर जहां होली की खुशियां मनाई जाती है. वहीं, इस गांव में लोग एक-दूसरे को होली के मौके पर शुभकामना तक नहीं देते. इस गांव के बारे में बताया जाता है कि यहां एक बाबा रहते थे, जो कद के काफी छोटे थे, जिसकी वजह से उन्हें गांव के लोग चिड़ाते थे.

लोगों की इस बात से तंग आकर उन्होंने होलिका कुंड की अग्नि में कूदकर आत्महत्या कर ली. गुस्साए बाबा ने आत्महत्या के दौरान लोगों को श्राप दिया की मेरे मरने के बाद जो भी इस गांव में होली मनाएगा उसका विनाश हो जाएगा. तब से यहां के लोग होली नहीं मनाते.

छत्तीसगढ़ का खरहरी और धमनागुड़ी गांव

इन दोनों गांव में पिछले 200 सालों से होली का त्योहार नहीं मनाया जाता है. इस गांव के लोग होली जलाने औऱ गुलाल रंग से काफी दूर रहते हैं. दैवीय खौफ की वजस से यहां के लोग करीब दो सौ सालों से होली नहीं मनाते.  इन दोनों गांव के लोग होली के रंग और गुलाल से इतना डरे होते हैं की होली के दिन अपने घर से भी बाहर नहीं निकलते हैं. 

झारखंड का दुर्गापुर गांव

झारखंड के दुर्गापुर गांव में पिछले करीब 100 सालों से होली का उत्सव नहीं मनाया जाता है.  इस गांव में होली ना मनाने की वजह भी हैरान करने वाली है. माना जाता है कि यहां एक राजा का शासन हुआ करता था. इस राजा के बेटे की मौत होली के दिन हो गई, इसके बाद जब भी यहां के लोग होली के मौके पर दिवाली मनाते थे उन्हें परेशानियां होने लगती थी, जिसके बाद राजा ने होली ना मनाने का आदेश दिया. तब से लेकर अबतक यहां के लोग होली नहीं मनाते हैं.

First published: 21 March 2019, 12:11 IST
 
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