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सावित्रीबाई फुले पुण्यतिथि: जिस दौर में महिलाओं की शिक्षा पर थी पाबंदी, उस वक्त सावित्री ने खोला था पहला गर्ल्स स्कूल

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 March 2019, 12:14 IST
Savitribai Phule

सावित्री देवी फुले की आज 122वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है और अगर आप इस महिला को नहीं जानते हैं तो बता दें कि ये देश की पहली महिला है जिन्होंने विश्वविद्यालय को शुरू किया था और पहली ही ऐसी महिला थी जो कि शिक्षित थीं. आज सावित्री की पुण्यतिथि के दिन हम आपको उनकी खास बातों से रुबरू करवाने जा रहे हैं जो कि बहुत कम लोग ही जानते होंगे. जिस वक्त लोग लड़कियों को शिक्षा देना जरूरी नहीं समझते थे उस दौर में सावित्री ने गर्ल्स विश्वविद्यालय खोला था और महिलाओं और लड़कियों को शिक्षा दी थी.

 

 

Savitribai Phule

देश में सबसे पहले गर्ल्स स्कूल की शुरुआत करने वाली सावित्रीबाई फुले ही थी और इन्होंने उस वक्त शिक्षा पर जोर दिया जब महिलाओं के लिए स्कूल और कॉलेज जाने पर मनाही थी. उस समय सावित्रीबाई ने सन् 1848 में पुणे में पहले गर्ल्स स्कूल भिंडे वाड़ा की स्थापना की थी. अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर उन्होंने इसकी स्थापना की थी. इस स्कूल में ना सिर्फ लड़कियों और महिलाओं को शिक्षा दी जाती थी बल्कि उनके अधिकार की जानकारी भी दी जाती है.

 

Savitribai Phule

इतना ही नहीं सावित्रिबाई ने ना सिर्फ शिक्षा पर जोर दिया बल्कि चाइल्ड मैरिज और सती प्रथा का भी विरोध किया था और विधवा विवाह को आगे लाने की कोशिश की थी. इसके अलावा उन्होंने समाज में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार के विरोध में भी आवाज उठाई थी और इसमें वो कई हद तक सफल रही थी. तो वहीं सावित्रीदेवी फुले को भारत की फर्स्ट लेडी टीचर ऑफ इंडिया भी कहा जाता है.

सावित्री देवी फुले के काम की चर्चा देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी थी और उस वक्त ब्रिटिशर्स को भी इनका काम इतना पसंद आया था कि उन्होंने सावित्री को उनके काम के लिए सम्मानित किया और सावित्रीबाई फुले को बेस्ट टीचर का खिताब दिया था. इसके साथ ही सावित्री देवी ने महिलाओं के लिए करीब 18 स्कूलों की स्थापना की थी और उनके अधिकार के बारे में बताया था. ऐसी महान महिला की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन. उस ज़माने में ये सब कार्य करने इतने सरल नहीं थे जितने आज लग सकते हैं. आज उनकी पुण्यतिथि पर देश की सभी लड़कियों के लिए यही सन्देश हो सकता है जो हमेशा सावित्री बाई कहा करती थी.

''अब बिलकुल भी खाली मत बैठो, जाओ शिक्षा प्राप्त करो''

First published: 10 March 2019, 12:14 IST
 
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