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उल्टी-सीधी पोस्ट आई तो नपेंगे WhatsApp-Facebook ग्रुप एडमिन

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 April 2017, 18:00 IST

अब दुनिया में स्मार्टफोन यूजर्स में एसएमएस की जगह व्हॉट्सऐप ने अपनी जड़ें जमा ली हैं. अगर आप भी व्हॉट्सऐप पर हैं तो जाहिर सी बात है कि कई ग्रुपों से जुड़े होंगे, जिनमें आपको सुबह से लेकर रात तक ढेरों टेक्स्ट, ऑडियो-वीडियो मैसेज मिलते रहते होंगे.

इन सबके बीच कई बार आपके पास उल्टे-सीधे समाचार, भड़काऊ पोस्ट, आपत्तिजनक संदेश जैसे तमाम मैसेज भी फॉरवर्ड होकर आते रहते हैं जिन्हें अक्सर लोग बिना सत्यता जाने आगे फॉरवर्ड कर देते हैं. कई बार कोई गलत संदेश केवल इसलिए आगे फॉरवर्ड कर देते हैं क्योंकि उसमें आपकी दिलचस्पी होती है.

लेकिन अब और आगे से किसी भी पोस्ट को आगे फॉरवर्ड करने से पहले कई बार सोंचे. और तब और ज्यादा विचार करें जब आप खुद किसी ग्रुप के एडमिन हों. अगर बतौर एडमिन आपके ग्रुप में कोई अपुष्ट खबर, संवेदनशील समाचार, धर्म-जाति आधारित टिप्पणी समेत अन्य कोई आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करता है, तो आपको इस दौरान अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी पड़ेगी और ऐसा न करने पर आपको कारावास की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकसभा वाराणसी के जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा और एसएसपी नितिन तिवारी ने इस बाबत एक संयुक्त निर्देश भी जारी किए हैं. इसमें स्पष्ट तौर पर लिखा हुआ है, "व्हॉट्सऐप-फेसबुक जैसे सोशल मीडिया चैनल का ग्रुप एडमिन वही बने जो उस ग्रुप के लिए पूर्ण जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व का वहन करने में समर्थ हो. ग्रुप के सभी सदस्यों से ग्रुप एडमिन पूर्णतः परिचित होने चाहिए."

 

19 अप्रैल को जारी इस निर्देश में लिखा गया है कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अत्यंत महत्वपूर्ण है और स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी आवश्यक है. प्रायः सोशल मीडिया पर समाचार के नाम पर बबने ग्रुप तथा अन्य नाम से बने ग्रुप में कभी ऐसे समाचार या तथ्य भी प्रेषित हो रहे हैं, जिसकी सत्यता प्रमाणित नहीं है और बिना पुष्टि के सीधे कट-पेस्ट/फॉरवर्ड किए जा रहे हैं.

इन शब्दों को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया और व्हॉट्सऐप/फेसबुक आदि के ग्रुप एडमिन और सदस्यों के लिए निर्देश दिए जाते हैं.

उन्होंने आगे लिखा, "ग्रुप के किसी सदस्य द्वारा गलतबयानी, बिना पुष्टि के समाचार जो अफवाह बन जाए, पोस्ट किए जाने पर या सामाजिक समरसता बिगाड़ने वाले पोस्ट पर ग्रुप एडमिन को तत्काल उसका खंडन कर उस सदस्य को ग्रुप से हटाना चाहिए."

इस पत्र के बिंदु 4 में लिखा है, "अफवाह/भ्रामक तथ्य/सामाजिक समरसता के विरुद्ध तथ्य पोस्ट होने पर संबंधित थाना को भी तत्काल सूचतना दी जानी चाहिए, जिससे वैधानिक कार्यवाही हो सके."

उन्होंने आगे लिखा, "ग्रुप एडमिन द्वारा कोई भी कार्यवाही न होने पर उन्हें भी इसका दोषी माना जाएगा और उनके विरुद्ध भी कार्यवाही की जाएगी. दोषी पाए जाने पर आईटी एक्ट/साइबर क्राइम और आईपीसी की सुसंगत धाराओं के तहत कार्यवाही की जाएगी."

वहीं, धर्म आदि के बारे में लिखा, "किसी भी धर्म के नाम पर भावनाओं को आहत करने वाले पोस्ट किसी भी ग्रुप में डाले जाने पर समाज में तनाव उत्पन्न होने की संभावना रहती है. ऐशे पोस्ट करने या किसी अन्य ग्रुप को फॉरवर्ड करने पर आईटी और आईपीसी की सुसंगत धाराओं के आधार पर बड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी. ग्रुप एडमिन की भी जिम्मेदारी तदनुरूप निर्धारित की जाएगी."

First published: 21 April 2017, 18:00 IST
 
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