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सूर्य ग्रहण 2018: सूर्य ग्रहण के दौरान ना करें ये काम, भुगतने पड़ेंगे बुरे परिणाम

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 February 2018, 12:33 IST

गुरुवार को इस साल का पहला सूर्य ग्रहण हो रहा है. ये सूर्य ग्रहण दक्षिणी अमेरिका के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका, उरुग्वे, ब्राजील और कनाडा में साफ देखा जा सकेगा. इसके साथ ही अंटार्कटिका में भी साल के पहले सूर्य ग्रहण को देख सकते हैं, लेकिन साल का ये पहला सूर्य ग्रहण हमारे देश में दिखाई नहीं देगा. लेकिन इसके असर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

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क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक साल का पहला सूर्य ग्रहण हमारे देश में दिखाई नहीं देगा, लेकिन साल के दूसरे सूर्य ग्रहण को भारत में साफ देखा जा सकेगा. साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण इसी साल 11 अगस्त को होगा. जिसे कई देशों के साथ भारत में देखा जा सकेगा.

क्या है साल के पहले सूर्य ग्रहण का समय

साल का पहला सूर्य ग्रहण 15 फरवरी की रात 12.25 मिनट से शुरू होगा. ये सूर्य ग्रहण अगले दिन यानि 16 फरवरी सुबह 4.18 बजे तक रहेगा.

कौन से हैं सूर्य ग्रहण के दौरान शुभ और अशुभ कार्य

भारतीपौराणिक कथाओं के मुताबिक सूर्यग्रहण के दौरान पूजा-पाठ का विशेष ध्यान रखना चाहिए. सूर्य ग्रहण के बाद पवित्र नदियों और सरोवरों में स्नान कर देवता की आराधना करनी चाहिए.

इस दौरान दान करने को शुभ माना जाता है. इसलिए सूर्य ग्रहण के बाद स्नान करें फिर दान करना चाहिए. सूर्य ग्रहण के दान को गरीब और ब्राह्मणों को देने की पुरानी परंपरा है. कहा जाता है कि दान करने से ग्रहण के प्रभाव का असर कम हो जाता है. इसीलिए भारत में लोग सूर्य ग्रहण के बाद पवित्र नदियों गंगा, यमुना और गोदावरी जैसी नदियों में स्नान करते हैं.

सूर्य ग्रहण के दौरान इस प्रकार के भोजन ना करें

सूर्य और चंद्र ग्रहण के दौरान खाना खाने को लेकर भी कुछ मान्यताएं हैं. हिंदू धर्म के मुताबिक शुरु होने से पहले खाना नहीं खाना चाहिए. वहीं छोटे बच्चे, बीमार और बढ़े-बूढें लोग ग्रहण के एक प्रहर पहले खाना खा सकते हैं. लेकिन अन्य लोगों को खाना खाने को शुभ नहीं माना जाता. प्राचानी मान्यताओं के मुताबिक कहा जाता है कि ग्रहण के दिन पत्ते, तिनके, लकड़ी, फूल आदि नहीं तोड़ना चाहिए. ऐसा करने से देवता रुष्ठ हो जाते हैं और प्रकोप होता है.

सूर्य ग्रहण से जुड़े कुछ मिथक

चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण से जुड़े कुछ मिथक भी हैं. ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के दौरान प्रग्नेंट महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. साथ ही सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण नहीं देखना चाहिए. ऐसा करने से गर्भ में पल रहे बच्चे पर दुष्प्रभाव पड़ते हैं.

हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक सूर्य ग्रहण के दौरान बाल और कपड़ों को नहीं निचोड़ना चाहिए. साथ ही दांत साफ करने से भी बचना चाहिए. वहीं इस दौरान ताला खोलना, सोना, मल-मूत्र करना और खाना खाना भी उचित नहीं माना जाता. इस दौरान कोई शुभ कार्य करना भी ठीक नहीं समझा जाता. इसलिए ऐसे कार्य करने से बचें जो शुभ माने जाते हों.

कैसे देखें सूर्य ग्रहण

वैज्ञानिकों के मुताबिक सूर्य या चंद्र ग्रहण देखने से कोई नुकसान नहीं होता, लेकिन सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से देखना आपकी आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. इसलिए सूर्य ग्रहण को टेलिस्‍टकोप से ही देखना चाहिए. साथ ही सूर्य ग्रहण को देखने के लिए ऐसे चश्‍में का भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं जिनमें अल्‍ट्रावॉयलेट किरणों को रोकने की क्षमता हो.

गर्भवती महिलाओं के लिए कुछ सावधानी

सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है. इस दिन सूतक काल होता है. हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को सूतक काल में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. साथ ही ऐसी महिलाओं को ग्रहण नहीं देखना चाहिए. मान्यताओं के मुताबिक गर्भवती महिलाओं भगवान का जप करना चाहिए.

First published: 15 February 2018, 12:33 IST
 
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