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हलाला के बाद तीन तलाक़ से टूटी बेग़म अपनाएगी हिंदू धर्म

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 May 2017, 16:09 IST
प्रतीकात्मक तस्वीर/ एएनआई

तीन तलाक़ की शिकार एक मुस्लिम महिला ने इंसाफ़ न मिलने की सूरत में हिंदू धर्म अपनाने की धमकी दी है. मामला उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर ज़िले का है, जहां पीड़ित मुस्लिम महिला ने कहा है कि अगर उसको न्याय नहीं मिला तो या तो वह धर्म परिवर्तन करके हिंदू बन जाएगी, नहीं तो ख़ुदकुशी कर लेगी.   

बुधवार को शमीम जहां नाम की महिला ने एक वीडियो जारी किया है, जो सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल हो रहा है. शमीम जहां ने इंसाफ़ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की मांग की है. 

शादी के 4 साल बाद तलाक़

शमीम जहां को उसके पति आसिफ़ ने गदरपुर पुलिस स्टेशन के अंदर तीन तलाक दिया था. वीडियो में शमीम जहां ने कहा, "अपने तजुर्बे के बाद मुझे लगता है कि यह बेहतर होगा कि मैं हिंदू बन जाऊं, क्योंकि ये चीज़ें हिंदू धर्म में नहीं होतीं." 

12 साल पहले शमीम जहां और आसिफ़ की शादी हुई थी, लेकिन शादी के महज चार साल बाद ही शमीम को उसके शौहर ने तलाक़ दे दिया. इस बीच परिवार के बड़े लोगों की पहल के बाद 40 दिन के हलाला पीरियड के बाद दोनों एक बार फिर साथ रहने लगे. 

हलाला के बाद मारपीट का आरोप

शमीम जहां का आरोप है कि साथ-साथ रहने के दौरान आसिफ़ उससे मारपीट करने लगा. शमीम जहां ने इस कथित अत्याचार के विरोध में गदरपुर पुलिस स्टेशन का रुख़ किया. आसिफ़ भी इसी दौरान थाने पहुंच गया. शमीम के मुताबिक पुलिस वालों के सामने ही आसिफ़ ने उसे थाने के अंदर तीन बार तलाक़ दे दिया. 

गौरतलब है कि तीन तलाक़ के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुए अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है. केंद्र सरकार ने तीन तलाक़ के मुद्दे पर कहा है कि अगर ये ख़त्म होता है, तो वह नया क़ानून बनाने को तैयार है.

इस मामले में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की तरफ़ से कपिल सिब्बल ने कहा कि जिस तरह अयोध्या में राम हिंदू समाज के लिए आस्था का विषय हैं, उसी तरह तीन तलाक़ मुस्लिमों के लिए आस्था का मुद्दा है. यह 1400 साल से चली आ रही परंपरा है. 

First published: 19 May 2017, 16:09 IST
 
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