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वीडियो व्यंग्य: गइया बैरन बवाल किये जाय रे...

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 August 2016, 15:50 IST

गइया और महंगइया का यह वीडियो गीत गौरक्षा के क्षेत्र में आई हालिया क्रांति पर कटाक्ष है. पिछले एक साल से देश भर में गाय और बीफ विवाद से जुड़ी खबरें सामने आ रही है. गोरक्षा के नाम पर बढ़ रही असामाजिक गतिविधियों का निशाना दलित और मुस्लिम समुदाय बन रहा है. 

बिहार के युवा रंगकर्मी, संगीतकार, नाटककार और हिरावल दस्ते के सदस्य संतोष झा ने गाय के नाम पर हो रही गुंडागर्दी पर एक शानदार गीत लिखा है. इस गीत को उन्होंने अपनी आवाज भी दी है. लोकतांत्रिक आंदोलनों में जनवादी गीत गाने वाले संतोष बिहार के रहने वाले हैं. 

हिरावल जन संस्कृति मंच (जसम) की गायन टीम है. जन संस्कृति मंच सीपीआई (एमएल) का सांस्कृतिक मोर्चा रहा है. 

संतोष लंबे से समय हिरावल से जुड़े हुए हैं. यह लिंक उन्होंने कुछ दिनों पहले अपने फेसबुक वॉल पर शेयर करते हुए लिखा था, "गुजरात में दलितों के ऐतिहासिक प्रतिरोध के नाम एक गीत."

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को गुजरात के ऊना में दलितों की बेहरमी से पिटाई के मुद्दे पर और दिल्ली से सटे दादरी में मोहम्मद अखलाक की हत्या पर भारी जनविरोध झेलना पड़ा है. गुजरात में पिछले एक महीने से चल रहे दलितों के आंदोलन के चलते बीजेपी बैकफुट पर है. कथित तौर पर हाल में गुजरात के मुख्यमंत्री रहीं आनंदीबेन पटेल का इस्तीफा भी दलित आंदोलन के चलते हुआ है.

यहां तक कि दलितों और गायों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पार्टी और सरकार का रुख साफ करना पड़ा. उन्होंने गोरक्षकों के बारे में कहा कि ये लोग रात में गोरखधंधा करते हैं और दिन में गौरक्षकों का चोला ओढ़ लेते हैं. उनके इस बयान की निंदा खुद संघ और वीएचपी वालों ने की. वहीं दलितों के मुद्दे पर 'भावुक' होते हुए कहा, "अगर किसी को हमला करना है तो मुझ पर करे. गोली चलानी है तो मुझ पर चलाए, पर दलित भाइयों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."   

First published: 11 August 2016, 15:50 IST
 
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