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क्यों खरीदे जाते हैं धनतेरस पर बर्तन आैर कब है पूजा का शुभ मुहूर्त?

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 October 2016, 17:03 IST

कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को भगवान धनवंतरि कलश लेकर प्रकट हुए थे इसलिए इस तिथि पर बर्तन खरीदने की परंपरा है. माना जाता है कि धनतेरस के दिन आप जितनी खरीदारी करते हैं, उसमें 13 गुना वृद्धि होती है.

क्यों खरीदते हैं धनतेरस पर चांदी

दरअसल चांदी को चंद्रमा का प्रतीक माना जाता है जो शीतलता प्रदान करता है. यह स्वास्थ्यकारक भी माना गया है जो निरोगी काया और तेज दिमाग देता है. चंद्रमा के प्रभाव से मन में संतोष के धन का वास होता है और इसे सबसे बड़ा धन कहा गया है. जिसके पास संतोष और स्वास्थ्य है, उसी को सबसे धनवान माना जाता है.

इस बार सैकड़ों साल बाद शुक्रवार के दिन धन त्रयोदशी आर्इ है. शुक्र अकूत धन दौलत देने वाला ग्रह है. शुक्रवार को लक्ष्मी पूजा का दिन मानते हैं. 

कैसे करें पूजन

सबसे पहले तेल लगाकर नहाएं और फिर लाल या गुलाबी कपड़े पहनें. पूजन में सबसे पहले गणेश-लक्ष्मी जी और कुबेर की पूजा करें. 

धनतेरस पर खरीददारी कब करें 

इस दिन दोपहर 12 बजे से 1:30 तक पूजन करें. शाम के समय 4:00 बजे से 5:30 तक खरीदारी करें.

दीप जलाने का शुभ मुहूर्त

यह शाम 5:30 से शाम 6:30 तक रहेगा.

कैसे करें दीपदान 

धनतेरस पर दीपदान का भी विशेष महत्व होता है. शाम को दीपदान जरूर करें. घर के मुख्य द्वार पर तिल के तेल का चारमुखी दीपक जलाएं. थाली में यमराज के लिए सफ़ेद बर्फी, तिल की रेवड़ी या तिल मुरमुरे के लडडू, एक केला और एक गिलास पानी रखें.

First published: 28 October 2016, 17:03 IST
 
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