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रोगी के पास होगा आधार, तभी होगा एम्स में उसका इलाज

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 December 2016, 12:26 IST
(एजेंसी)

देश के सबसे प्रमुख अस्पताल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने रोगी के इलाज के लिए आधार की अनिवार्यता लागू कर दी है.

इस मामले में एम्स प्रशासन ने अस्पताल को पूरी तरह से डिजिटल बनाने के लिए यह फैसला लिया है. यानी इसका मतलब है कि अब रोगी को एम्स में इलाज करवाने के लिए आधार कार्ड दिखाना जरूरी होगा, तभी उसका रजिस्ट्रेशन किया जायेगा.

इस मामले में एम्स के प्रशासनिक उपनिदेशक वी श्रीनिवास की ओर से केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सीके मिश्रा को पत्र लिखा गया है.

श्रीनिवास के पत्र में आधार नंबर को अनिवार्य करने के लिए अधिसूचना जारी करने का आग्रह किया गया है. एम्स प्रशासन का कहना है कि इस फैसले से मरीजों को भी लाभ मिलेगा.

एम्स में एक बार मरीज का पंजीकरण होने पर उसकी पूरी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी. यही नहीं मरीजों को सरकारी स्कीम का लाभ मिलने में भी आसानी होगी.

वर्तमान में भी एम्स में पंजीकरण कराते समय आधार नंबर दर्ज होता है लेकिन यह अनिवार्य नहीं है. एम्स में देश के विभिन्न हिस्सों से इलाज कराने के लिए हर साल लगभग 35 लाख लोग आते हैं.

एम्स कम्प्यूटराइजेशन कमेटी के प्रमुख डॉ. दीपक अग्रवाल का कहना है कि अभी करीब 10 फीसदी मरीज ही अपना आधार नंबर, यूनिक हेल्थ आइडेंटिफिकेशन (यूएचआईडी) नंबर से लिंक कराते हैं.

First published: 8 December 2016, 12:26 IST
 
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