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अंसल बंधुओं ने बंद उपहार सिनेमाघर खुलवाने के लिए दी सुप्रीम कोर्ट में अर्जी

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 November 2016, 16:23 IST
(पीटीआई)

साल 1997 से बंद दक्षिण दिल्ली के चर्चित अग्निकांड वाले उपहार सिनेमाघर को फिर से खुलवाने के लिए इसके मालिक अंसल बंधुओं ने आज सुप्रीम कोर्ट की शरण ली.

इस सिनेमाघर में जेपी दत्ता की हिन्दी फिल्म 'बार्डर' के प्रदर्शन के दौरान 13 जून 1997 को भीषण आग लग गई थी, जिसमें 59 दर्शकों की मृत्यु हो गई थी और सौ से अधिक दर्शक गंभीर रूप से घयल हो गए थे.

इस मामले में सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस तीरथ सिंह ठाकुर, जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड और जस्टिस एल नागेश्वर राव की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि वह इस मामले में जस्टिस एआर दवे से चर्चा करेंगे, जिन्होंने इस प्रकरण में दायर याचिका पर सुनवाई की थी.

अंसल बंधुओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने इस याचिका पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया.

खुर्शीद का कहना था कि इस मामले में सीबीआई और एसोसिएशन आफ उपहार ट्रेजडी की याचिकाओं के साथ ही इस पर सुनवाई की जा सकती है.

इससे पहले न्यायमूर्ति दवे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने उपहार कांड से संबंधित मामलों की सुनवाई कर रही थी. न्यायमूर्ति दवे इसी महीने 18 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं.

गौरतलब है कि जस्टिस दवे इस मामले में सुनवाई कर रही पीठ के अध्यक्ष हैं. उस पीठ ने 2015 के फैसले के खिलाफ सीबीआई और एसोसिएशन आफ उपहार ट्रेजडी की पुनर्विचार याचिकाओं पर चैंबर की बजाय कोर्ट में ही सुनवाई करने का निश्चय किया था.

इस फैसले के अंतर्गत अंसल बंधुओं को दो साल की कैद की सजा भुगतनी थी और ऐसा नहीं करने पर उन्हें तीस-तीस करोड़ रुपये का भुगतान करना था. अंसल बंधुओं ने यह राशि जमा कराई थी.

एसोसिएशन आफ उपहार ट्रेजडी की पुनर्विचार याचिका में कहा गया है कि दोषियों के प्रति गैर वाजिब नरमी दिखाई गई, जबकि इनके अपराध के लिए सभी कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराने वाले निर्णय को सही ठहराया था.

इसके साथ ही जांच एजेंसी सीबीआई ने अपनी पुनर्विचार याचिका में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने उसे अपना पक्ष रखने के लिए समय ही नहीं दिया.

First published: 7 November 2016, 16:23 IST
 
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