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जनरल बिपिन रावत: जिस किसी जवान को शिकायत मुझे सीधे कह सकता है

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:36 IST

देशभर में एक के बाद एक जवानों के वीडियो सामने आने के बाद हंगामा मचा हुआ है. इस बीच देहरादून में तैनात सेना के लांस नायक यज्ञ प्रताप का भी एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने अफसरों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कोर्ट मार्शल की आशंका जाहिर की है. 

थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान सेनाध्यक्ष से जब इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, "जिसे भी किसी तरह की शिकायत है वो मुझे डायरेक्टली कह सकता है. आर्मी हेडक्वार्टर और बाकी कमांड में सजेशन और ग्रीेवेंस बॉक्स (शिकायत पेटी) प्लेस्ड है. जिसे भी शिकायत हो वो उसमें डाल सकता है हम एड्रेस करेंगे." 

पढ़ें: वीडियो जारी है: सेना के जवान का दर्द- 'बूट पॉलिश और मैम साहब का किचन देखना पड़ता है'

साथ ही शिकायत करने वाले जवान की पहचान गुप्त रखने का भरोसा दिलाते हुए जनरल बिपिन रावत ने कहा, "अगर कोई जवान अपनी पहचान बताते हुए हमें शिकायती खत लिखता है तो मैं भरोसा दिलाता हूं कि उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी."

प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें

1. जब हमारी सीमा पर चुनौतियां हैं, ऐसे वक्त में हम प्रॉक्सी वॉर (अपरोक्ष युद्ध) को लेकर भी चिंतित हैं. आतंकवाद से हमारे देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे पर भी असर पड़ रहा है.  

2. जिसे भी किसी तरह की शिकायत है वो मुझे डायरेक्टली कह सकता है. आर्मी हेडक्वार्टर और बाकी कमांड में सजेशन और ग्रीेवेंस बॉक्स (शिकायत पेटी) प्लेस्ड है. जिसे भी शिकायत हो वो उसमें डाल सकता है हम एड्रेस करेंगे.

3. अगर कोई जवान अपनी पहचान बताते हुए हमें शिकायती खत लिखता है तो मैं भरोसा दिलाता हूं कि उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी.

4. अगर वो कार्रवाई के बाद भी संतुष्ट नहीं होता है, तो (अपनी शिकायत के लिए) वह दूसरे रास्ते भी चुन सकता है. 

5. जवान चंदू चव्हाण के बारे में पाकिस्तान से भरोसा मिला है. सैनिकों की स्वदेश वापसी के लिए प्रक्रिया होती है और इसका पालन करना पड़ता है. 

6. लांस नायक यज्ञ प्रताप सिंह का जो वीडियो सामने आया है उसमें यह कहना गलत होगा कि जवान से हमारा संवाद टूट गया है. हो सकता है कि उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला हो और वह इस जवाब से खुश नहीं था. 

7. हाल के दिनों में युद्धविराम उल्लंघन के मामलों में गिरावट आई है, लेकिन अगर सीजफायर की घटनाएं बंद नहीं हुईं तो हम सर्जिकल स्ट्राइक जैसा विकल्प उठाने के बारे में सोचेंगे. 

8. सुरक्षा के लिए केवल इंसानी ताकत के भरोसे रहना कोई हल नहीं है. हमें सुरक्षा को बढ़ाने के लिए तकनीक की मदद भी लेनी होगी.  

15 जून 2016 को जवान ने लिखी चिट्ठी

पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों के वीडियो सामने आने के बाद अब सेना के एक जवान का वीडियो भी सामने आया है. इस वीडियो में लांस नायक यज्ञ प्रताप सिंह ने अपने अफसरों पर शोषण करने का आरोप लगाया है. 

इससे पहले बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव और सीआरपीेेएफ के जीत सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. ताज़ा वीडियो में यज्ञ प्रताप ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से शिकायत करने की वजह से उसका उत्पीड़न हो रहा है. 

देहरादून में तैनात यज्ञ प्रताप सिंह ने पिछले साल 15 जून को अधिकारियों के कथित शोषण के खिलाफ राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी थी. सेना के अफसरों को जब इस बात की जानकारी हुई, तो जवान की शामत आ गई.

अफसरों पर शोषण का आरोप

लांस नायक यज्ञ प्रताप का वीडियो में कहना है, "मैं सेना में 15 साल से नौकरी कर रहा हूं. लेकिन अफसरों द्वारा जवानों का किस तरीके से शोषण किया जाता है, मैंने देखा है. लेकिन कभी हिम्मत नहीं जुटा सका, क्योंकि सारी शक्ति अफसरों के पास होती है. अगर मैं कोई शिकायत करता हूं तो मुझ पर अफसर कार्रवाई कर सकते हैं."

यज्ञ प्रताप ने वीजियो में कहा, "सेना के अफसर मातहत जवानों का शोषण करते हैं. जैसे घर का काम, अफसरों के बूट पॉलिश करना, मैम साहब के साथ किचन का काम करना, अफसरों के बच्चे को स्कूल छोड़कर आना जैसे तमाम काम जवानों को करने पड़ते हैं जो एक जवान को कभी अच्छा नहीं लगता है लेकिन मजबूरी में करने पड़ते हैं."

लांस नायक यज्ञ प्रताप का कहना है, "अपनी शिकायत के संबंध में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मानवाधिकार आयोग को खत लिखा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. मुझे मानव अधिकार आयोग से जवाब आया कि ये डिफेंस का मामला है, इसमें हम कुछ नहीं कर सकते."

देहरादून में तैनात लांस नायक यज्ञ प्रताप सिंह ने 15 जून 2016 को अफसरों की शिकायत करते हुए पीएम और राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखी थी. (वीडियो ग्रैब)
First published: 13 January 2017, 2:40 IST
 
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