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पीएम मोदी पर केजरीवाल का बड़ा हमला, बिड़ला ग्रुप से पैसे लेने का आरोप

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 November 2016, 16:02 IST
(एएनआई)

नोटबंदी के फैसले पर दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से दखल देने की मांग की है. इससे पहले भी दिल्ली के सीएम केजरीवाल आरोप लगा चुके हैं कि विमुद्रीकरण का फैसला एक बड़ा घोटाला है और बीजेपी ने अपने दोस्तों को फैसले से पहले ही सावधान कर दिया था. 

दिल्ली विधानसभा में नोटबंदी के फैसले पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, "जिस तरीके से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच सौ और एक हजार के पुराने नोटों को बंद करने का फैसला किया उसकी मैं कड़ी भर्त्सना करता हूं."

इस दौरान केजरीवाल ने नोटबंदी के खिलाफ विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया. इस प्रस्ताव में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से केंद्र सरकार को यह फैसला वापस लेने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है. केजरीवाल ने सरकार के फैसले को गरीब जनता के साथ धोखा करार दिया है. 

अडानी ने 5468 करोड़ रुपये बाहर भेजे

केजरीवाल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, "मोदी जी के करीबी कारोबारी अडानी ने 5468 रुपये करोड़ रुपये देश से बाहर भेज दिए. फर्जी बिल के इस मामले की ईडी के अफसर जांच कर रहे थे, लेकिन मोदी सरकार आने के बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया."

केजरीवाल ने विधानसभा में कहा, "काला धन वाले 648 लोगों की लिस्ट में पीएम मोदी के दोस्तों के नाम हैं. काले धन पर नहीं देश के गरीबों पर वार कर रहे हो. कौन हैं यह दोस्त. मोदी जी को पैसा देते हैं बदले में नोटबंदी के पहले मोदी जी इनको बता देते हैं और मोदी जी इनका काम करवाते हैं."

'648 लोगों को गिरफ्तार करो'

केजरीवाल ने कहा, "बच्चा-बच्चा जानता है कि काला धन स्विस बैंकों में पड़ा है. प्रधानमंत्री जी आपको भी पता था कि कालाधन कहां था. पहले 648 ऐसे लोगों की लिस्ट आई थी, जिनका स्विस बैंकों में अकाउंट था. उस वक्त कांग्रेस सरकार थी. उसने कोई एक्शन नहीं लिया. आपने भी कोई कार्रवाई नहीं की. अंबानी सहित मैंने कइयों के आपको अकाउंट नंबर दिए थे. आज शाम उन 648 लोगों को गिरफ्तार कर लो, पूरे देश में कालाधन खत्म हो जाएगा. लेकिन वो आपके दोस्त हैं."

केजरीवाल ने साथ ही कहा कि पीएम मोदी को को उन नामों को उजागर करना चाहिए, जिनका नाम पनामा पेपर में सामने आया है. इस दौरान केजरीवाल ने बिड़ला और सहारा ग्रुप का भी जिक्र किया.

'गुजरात सीएम के आगे 25 करोड़'

बिड़ला ग्रुप के शुभेंदु अमिताभ का नाम लेते हुए केजरीवाल ने विधानसभा में कहा, "दिल्ली में आदित्य बिड़ला ग्रुप के दफ्तर पर अक्तूबर 2013 में सीबीआई छापे के दौरान अनअकाउंटेड पैसा बरामद हुआ था."

केजरीवाल ने आगे कहा, "आदित्य बिड़ला ग्रुप के जब्त लैपटॉप में एक ट्रांजैक्शन के बारे में जिक्र करते हुए गुजरात सीएम के आगे 25 करोड़ रुपये लिखा है. 12 करोड़ दे दिए बाकी?"

केजरीवाल के इस दौरान कहा, "आदित्य बिड़ला ग्रुप के शुभेंदु अमिताभ से पूछताछ में सवाल किया गया कि गुजरात सीएम का क्या मतलब है? तो उन्होंने कहा, गुजरात केमिकल मशीन. उनसे पूछा गया कि गुजरात सीएम को कोई शॉर्ट फॉर्म में लिखता है? 15 अक्तूबर 2013 में रेड हुई थी. छह महीने बाद सरकार आ गई मोदी जी की. इस केस को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है." 

'सहारा ने मोदी को दिए पैसे' 

विधानसभा में सहारा ग्रुप पर मारे गए छापे का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने मोदी सरकार को जमकर घेरा. 22 नवंबर 2014 के छापे का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा, "छापे में 130 करोड़ कैश और 400-500 करोड़ लेन-देन के कागजात जब्त किए गए थे. जिनको ये पैसे दिए गए हैं, उनकी लिस्ट में पीएम मोदी का भी नाम है. इस पर उन्हें जवाब देना चाहिए"  

इसके साथ ही लालकृष्ण आडवाणी की मिसाल देते हुए केजरीवाल ने कहा कि भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद जिस तरह उन्होंने अपना इस्तीफा दिया था, उसी तरह पीएम मोदी को भी त्यागपत्र देना चाहिए. विमुद्रीकरण के फैसले पर केजरीवाल ने कहा कि यह देश की गरीब जनता के साथ साजिश है. लाइन में लगने वाला आम आदमी है, कोई काला धन रखने वाला नहीं.

केजरीवाल ने बतााया था बड़ा घोटाला

इससे पहले केजरीवाल ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मोदी सरकार, भाजपा और अमित शाह से तीन सवालों के जवाब मांगे थे. केजरीवाल ने कहा था कि पीएम मोदी को बताना चाहिए कि इस फैसले से गरीब, किराना कारोबारी, मजदूर, किसान को फायदा हुआ है, या उनके दोस्तों को.

इसके साथ ही केजरीवाल ने कहा था कि उन लोगों की लिस्ट जारी की जानी चाहिए, जिनके खातों में यह काला धन गया है. केजरीवाल ने कहा था कि यह पैसा बैंकिंग सिस्टम में नहीं जा रहा है, केवल इसके हाथ बदल रहे हैं और अर्थव्यवस्था को करारी चोट पहुंचने वाली है.

इस दौरान केजरीवाल ने एक टीवी रिपोर्ट को आधार बनाते हुए जुलाई से सितंबर के बीच बैंकों के डिपॉजिट में अचानक आए उछाल पर भी सवाल उठाए थे. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने पंजाब भाजपा के नेता संजीव कंबोज के छह नवंबर के उस ट्विटर पोस्ट को कठघरे में खड़ा किया था, जिसमें वह दो हजार के नए नोटों के साथ दिख रहे थे.

ममता का चुनाव आयोग से सवाल

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ विरोध का झंडा बुलंद कर रही हैं. खास बात यह है कि बंगाल में 19 नवंबर को विधानसभा के उपचुनाव हैं.

ममता बनर्जी ने कहा, "बंगाल में 19 नवंबर को विधानसभा चुनाव है. संभावित मतदाता की उंगली पर अमिट स्याही लगाने का फैसला हुआ है. चुनाव आयोग का इस बारे में क्या कहना है?"

ममता ने साथ ही कहा है कि इस मुद्दे पर उन्हें शिवसेना का साथ मिल रहा है. राष्ट्रपति से बुधवार को होने वाली मुलाकात के दौरान एनडीए की सहयोगी शिवसेना ने भी शामिल रहने का भरोसा दिया है.

First published: 15 November 2016, 16:02 IST
 
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