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JNU में दलित छात्र ने की ख़ुदकुशी, आख़िरी फेसबुक पोस्ट में असमानता का ज़िक्र

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 March 2017, 10:59 IST
(फेसबुक)

दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में एक दलित छात्र की खुदकुशी का मामला सामने आया है. जेएनयू के एमफिल छात्र मुथुकृष्णनन जीवानंदनम ने सुसाइड कर लिया है. मुथुकृष्णनन ने फेसबुक पर रजनी कृष के नाम से अपनी प्रोफाइल बनाई थी, जिस पर वे एक दलित छात्र की कहानी लिख रहे थे.

तमिलनाडु के सलेम जिले के रहने वाले मुथुकृष्णनन जीवानंदम का शव उनके एक दोस्त के घर पंखे से लटकता मिला था. 25 साल के मथुकृष्णन ने अपने आखिरी फेसबुक पोस्ट में असमानता का जिक्र किया था. 

10 मार्च के एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "एमफिल/पीएचडी प्रवेश में कोई समानता नहीं है. वाइवा में कोई समानता नहीं है. यहां केवल समानता का खंडन है. प्रोफेसर सुखदेव थोरट की सिफारिश से इनकार करते हैं. एड ब्लॉक में छात्रों के विरोध नकारते हैं, वंचितों की शिक्षा को नकारते हैं. जब समानता से इनकार किया जाता है तो सब कुछ वंचित हो जाता है."

फेसबुक

वेमुला के आंदोलन में थे सक्रिय

इस बीच रजनी कृष के परिजनों ने सलेम में सोमवार शाम को विरोध प्रदर्शन किया. जिसमें रजनी के परिजनों के अलावा डीवाईएफआई के सदस्य भी शामिल थे. परिजनों का आरोप है कि मुथुकृष्णनन की मौत संदिग्ध हालात में हुई है, इसलिए मामले की जांच होनी चाहिए. उनके पिता का कहना है कि मेरा बेटा कायर नहीं था कि वह खुदकुशी कर ले.

मुथुकृष्णनन हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में रोहित वेमुला को लेकर चले आंदोलन के भी सक्रिय सदस्य थे. मुथुकृष्णनन उर्फ रजनी कृष ने कोयबंटूर से बीएड की पढ़ाई की थी. इसके बाद हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से एमए और एमफिल की पढ़ाई की. रोहित वेमुला और उनकी मां राधिका वेमुला के संघर्ष पर वह एक ब्लॉग भी लिख चुके थे.

दरवाजा तोड़कर घुसी दिल्ली पुलिस

सोमवार शाम पांच बजे दिल्ली पुलिस को पीसीआर कॉल आई थी. जिसमें कहा गया कि एक छात्र ने अपने आप को कमरे में बंद कर लिया है. मुनीरका विहार इलाके के इस घर में दरवाजा तोड़कर जब पुलिस घुसी, तो रजनी कृष का शव पंखे से लटकता पाया. मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. 

दिल्ली पुलिस का कहना है कि मुथुकृष्णनन होली के दिन अपने एक दोस्त के घर खाने पर गया था. सोने की बात कहकर उसने दरवाजा बंद कर लिया था. पुलिस पहली नजर में इसे खुदकुशी की घटना मानकर चल रही है. 

जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला राशिद ने अपने ट्वीट में लिखा, "जेएनयू वीसी हाल ही में एडमिन ब्लॉक में छात्रों और एचसी पर प्रतिबंध लगाए गए विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ कोर्ट गए थे, रजनी ने अपनी आखिरी पोस्ट में उसी बात का जिक्र किया है."

First published: 14 March 2017, 10:43 IST
 
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