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दिल्ली: पुलिस ने 3 महीने से फ्लैट में बंद लड़की को अस्पताल पहुंचाया

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 May 2017, 15:58 IST
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दिल्ली पुलिस ने तीन महीने से घर में कैद 17 साल की एक लड़की को आजाद कराया है. लड़की के माता-पिता कई साल से गुजारे-भत्ते को लेकर आपस में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं. खबरों के मुताबिक पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में यह लड़की पिछले तीन महीने से अकेली रह रही थी.

पड़ोसियों से जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने लड़की को बचाया. पड़ोसियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने लड़की को वहां से बाहर निकाला और एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है. लड़की फ्लैट में रह रही थी, जिसे उसने खुद अंदर से बंद करके रखा था.

बताया जा रहा है कि वो दो बार खाना खाती थी और सोफे पर सोती थी, जिसके आस-पास कूड़ा था. दूसरी मंजिल पर दो कमरे के फ्लैट में लड़की रह रही थी. मयूर विहार के एलबीएस अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद उसने दावा किया कि उसने स्वेच्छा से खुद को कमरे में बंद कर रखा था.

पुलिस के मुताबिक चूंकि इस मामले में उसे कोई शिकायत नहीं मिली है, इसलिए मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. हालांकि दिल्ली पुलिस इस संबंध में महिला आयोग की ओर से निर्देश मिलने पर कार्रवाई का इंतजार कर रही है.

वहीं पड़ोसियों ने आरोप लगाया है कि लड़की को जबरदस्ती उसकी मां ने इस फ्लैट में रखा था. लड़की की 44 साल की मां अपने पति के साथ कड़कड़डूमा कोर्ट में गुजारा भत्ता केस लड़ रही है. इस दंपति के दो बच्चे हैं. मां अपनी 22 साल की बड़ी बेटी के साथ पांडव नगर में किराये के मकान में रहती है.

जब पड़ोसियों ने युवती के रोने की आवाज सुनी तो पुलिस को बुलाया गया. जब पुलिस पहुंची तो मां को भी बुलाया गया. शुरुआत में तो मां ने दरवाजा खोलने के लिए मना कर दिया, लेकिन जब पुलिस ने जोर दिया, तब जाकर लड़की ने खुद ही दरवाजा खोला.

दरवाजा खुला तो देखा लड़की सोफे पर बैठी मिली. वह अभी ठीक से बोल भी नहीं पा रही है. इसके बाद लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस मामले में पुलिस का दावा है कि लड़की ने अपनी मां पर किसी तरह के आरोप नहीं लगाए हैं. लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि तलाक के बाद उन्हें बच्चों से नहीं मिलने दिया गया.

First published: 8 May 2017, 15:58 IST
 
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