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'अरविंद केजरीवाल के साथ चपरासी जैसा सलूक करते हैं एलजी'

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 December 2017, 11:44 IST

दिल्ली सरकार और एलजी के बीच चल रही ताजा तकरार के बीच अरविंद केजरीवाल को कई पार्टियों का समर्थन मिला है. गुरुवार को राज्यसभा में इस मामले में दिल्ली सरकार को चार पार्टियों का समर्थन मिला. इन सभी पार्टियों ने कहा कि दिल्ली सरकार और एलजी के बीच चला आ रहा संघर्ष खत्म होना चाहिए.

समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल ने राज्यसभा में कहा कि दिल्ली सरकार के पास दिल्ली में कोई शक्ति नहीं है. दिल्ली में एलजी पद पर बैठे लोग दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ चपरासी जैसा व्यवहार कर रहे हैं. ये एक मुख्यमंत्री का अपमान है. नरेश अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार को राज्य में अधिक से अधिक अधिकार मिलने चाहिए.

दरअसल, गुरुवार को राज्यसभा में क्रिसमस के दिन नोएडा से कालिंदी कुंज मार्ग पर दिल्ली मेट्रो रेल सेवा की मेजेंटा लाइन के उद्घाटन में दिल्ली के सीएम को ना बुलाने का मुद्दा विपक्षी दलों ने राज्यसभा में उठा. राज्यसभा में दिल्ली विशेष उपबंध संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सपा के नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि दिल्ली मेट्रो की एक महत्वपूर्ण सेवा के उद्घाटन में दिल्ली के मुख्यमंत्री को नही बुलाना एक गलत परंपरा की शुरुआत है. उनसे पहले तृणमूल कांग्रेस के नदीमुल हक इसे ‘ओछी राजनीति’ का नतीजा बताया. इन दोनों पार्टियो के अलावा दिल्ली सरकार को भाकपा और सीपीआईएम का भी समर्थन मिला.

राज्यसभा का विभिन्न पार्टियों द्वारा इस मसले को उठाने के बाद केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जवाब दिया. हरदीप ने कहा, 25 दिसंबर को दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन शुरू होने पर उत्तर प्रदेश में मेट्रो के रेलखंड के उद्घाटन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था."

केंद्रीय मंत्री के विपक्ष के सांसदों का जवाब देते समय राज्यसभा के उप सभापति पी जे कुरियन ने हरदीप से कहा कि केंद्र सरकार को उपराज्यपाल बनाम मुख्यमंत्री के विवाद पर जल्द कानूनी स्थिति स्पष्ट करना चाहिए. पुरी ने कुरियन को आश्वासन दिया कि वह सभी पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित कर इस विवाद का स्थायी समाधान निकाला जाएगा.

गौरतलब है कि दिल्ली में साल 2015 में केजरीवाल सरकार आने के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल के साथ दिल्ली सरकार के मतभेद लगातार सामने आते रहे हैं. पहले नजीब जंग पर दिल्ली सरकार ने मोदी सरकार की शह पर काम करने का आरोप लगाया.

हाल ही में दिल्ली के वर्तमान एलजी अनिल बैजल ने दिल्ली सरकार के उस प्रस्ताव को वापस भेज दिया, जिसमें दिल्ली में चल रही विभिन्न योजनाओं की होम डिलीवरी का प्रस्ताव उन्होंने खारिज कर दिया था. इसके बाद केजरीवाल सरकार ने एलजी पर जान बूझकर इसे वापस लौटाने का आरोप लगाया.

आपको बता दें कि केजरीवाल सरकार दिल्ली के उपराज्यपाल के साथ खींचतान के बाद शक्तियों के बंटवारे पर सुप्रीम कोर्ट में भी गई है.

First published: 29 December 2017, 11:44 IST
 
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