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केजरीवाल ने LG को चिट्ठी लिख कड़े शब्दों में कहा- SC का फैसला या तो पूरा लागू करें या जाएं कोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 July 2018, 15:56 IST

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल अनिल बैजल को चिट्ठी लिखी है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सहारा लेकर एलजी को लिखी चिट्ठी में केजरीवाल ने कठोर शब्दों में कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अक्षरश: लागू करें.

केजरीवाल ने कहा, "गृह मंत्रायल को कोई हक नहीं है कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में बताए. अगर आपको कोई दुविधा हो तो इसकी सफाई के लिए आप सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं, लेकिन इस तरह से उसके आदेश को उल्लघंन नहीं कर सकते हैं."

केजरीवाल ने कहा कि आप सुप्रीम कोर्ट के आदेश का ये हिस्सा तो मानते हो जिसमें कहा गया है एलजी कि अनुमति लेना जरूरी नहीं है, लेकिन उसी आदेश का वो हिस्सा नहीं मानते जिसमें लिखा है कि केंद्र सरकार के अधिकार केवल तीन विषयों तक सीमित हैं. केजरीवाल ने कहा कि कोई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में ये कैसे कह सकता है कि वो सुप्रीम कोर्ट का आदेश सेलेक्टिव तरीके से लागू करेगा?

 

लिखे पत्र में केजरीवाल ने कहा कि आप सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पैरा 277 (xxi) के साथ सहमत हैं, जो कहता है कि एलजी की सहमति आवश्यक नहीं है. हालांकि, आप उसी फैसले के पैरा 277 (xiv), (xv) और (xvi) को लागू करने से इनकार करते हैं. आप फैसले को लेकर सिलेक्टिव कैसे हो सकते हैं?

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बता दें कि उपराज्यपाल और गृह मंत्रालय के मुताबिक दिल्ली सर्विसेज विभाग अभी भी आरक्षित है. जिस पर दिल्ली सरकार का अधिकार नहीं है. गृह मंत्रालय का कहना है कि 21 मई 2015 के नोटिफिकेशन में सर्विसेज आरक्षित विषय घोषित है और सुप्रीम कोर्ट ने उन नोटिफिकेशन के बारे में कुछ नहीं कहा है. एलजी का कहना है कि 9 मुद्दों पर अभी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसमे सर्विसेज भी एक है.

हालांकि केजरीवाल और उनकी सरकार के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने साफ लिखा है कि केवल तीन विषय दिल्ली सरकार के दायरे में नही और वो हैं भूमि, पुलिस और कानून-व्यवस्था. इसका मतलब यह है कि सर्विसेज दिल्ली की चुनी हुई सरकार का विषय है जिसको एलजी या केंद्र सरकार उनको देने को तैयार नहीं हैं.

First published: 9 July 2018, 15:56 IST
 
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