Home » दिल्ली » Delhi CM Kejriwal action on Air Pollution: Closed schools for 3 & power plant for 10 days, can consider artificial rain
 

केजरीवाल ऑड-इवन पॉल्यूशन कंट्रोलः तीन दिन स्कूल, 10 दिन पॉवर प्लांट बंद, कृत्रिम बारिश पर भी विचार

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 November 2016, 18:35 IST

देश की राजधानी दिल्ली में खतरनाक स्तर से भी कई गुना ज्यादा वायु प्रदूषण से निपटने के लिए केजरीवाल सरकार ने सख्त कदम उठाने की घोषणा कर दी है. इसके तहत रविवार को घोषणा की गई कि तीन दिन सभी स्कूल बंद रहेंगे, 10 दिन तक बदरपुर बिजली सयंत्र को बंद रखा जाएगा, सड़कों से धूल न उठे इसके लिए पानी का छिड़काव किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो ऑड-इवन फिर से लागू कर दिया जाएगा.

रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित बैठक के बाद अरविंद केजरीवाल ने मीडिया को जानकारी दी कि राजधानी में पहले से ही बहुत प्रदूषण था और पिछले 10 दिनों से पड़ोसी राज्यों के कारण यह और अधिक बढ़ गया है. लोगों को इस खतरनाक प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए राजनीति और एक-दूसरे पर दोषारोपण करने की बजाय सभी को मिलकर काम करना होगा.

तीन दिन के लिए स्कूल बंद

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के सभी स्कूल अगले तीन दिन तक बंद रहेंगे. उन्होंने लोगों से घर से बाहर निकलने के बजाय घर पर ही रहकर अपने अधिक से अधिक कामों को निपटाने की अपील की. मुख्यमंत्री ने कहा कि धूल की वजह से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सड़कों पर बड़े पैमाने पर पानी का छिड़काव किया जाएगा और 10 नवंबर से मशीनों से सड़कों की सफाई का काम शुरु कर दिया जाएगा.

ये भी लिए फैसले

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदरपुर ताप बिजली संयंत्र को 10 दिन के लिए बंद किया जाएगा. डीजल सेट 10 दिन के लिए बंद करने का फैसला किया गया है. पत्तियों को जलाने से होने वाले धुएं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सोमवार को एक ऐप शुरु किया जाएगा. सभी लोगों को बिजली का कनेक्शन मांगने पर उपलब्ध कराया जाएगा. मंत्रिमंडल ने अगले पांच दिन तक सड़क निर्माण कार्य बंद करने का फैसला भी किया है.

अगले पांच दिन तक तोड़ फोड़ का काम भी बंद रहेगा. उन्होने कहा कि पत्ते, कूड़ा जलाने पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और दिल्ली में इस पर पहले से ही प्रतिबंध है तथा अब इस पर कठोरता से अमल किया जाएगा.

ऑड-इवन फिर होगा लागू!

केजरीवाल ने कहा कि सरकार ऑड-इवन योजना को फिर से लाने की तैयारी कर रही है और जरूरत पड़ी तो इसे फिर शुरू किया जाएगा. सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए विशेषज्ञों से भी विचार विमर्श किया है. 

आसमान में फैले धुएं को खत्म करने के लिए कृत्रिम बारिश के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है. पर्यावरण सचिव से इस संबंध में केंद्र सरकार से बातचीत करने के लिए कहा गया है. दिल्ली नगर निगमों की लैंडफिल साइट से निकलने वाले धुओं से निपटने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं.

प्रदूषण के टूटे सारे रिकॉर्ड 

दीपावली पर राजधानी में हुई आतिशबाजी और पड़ोसी राज्यों में फसलों का बचा कचरा जलाए जाने से राजधानी में पिछले एक सप्ताह से फैले प्रदूषण से लोग बुरी तरह प्रभावित हैं. शनिवार को प्रदूषण के सारे रिकॉर्ड टूटने के बाद रविवार सुबह भी लोगों को इससे राहत नहीं मिली. 

प्रदूषण से बेहाल लोग अब सड़कों पर उतरने लगे हैं. जंतर-मंतर पर एकत्रित होकर लोगों ने प्रदूषण को लेकर अपना रोष प्रकट किया. प्रदूषण की वजह से दिल्ली के तीनों नगर निगमों के स्कूलों में शनिवार को छुट्टी या अवकाश रखा गया था.

अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ी

प्रदूषण की वजह से अस्थमा के मरीजों को ही नहीं आम लोगों को भी सांस लेने में खासी दिक्कत हो रही है. लोग सड़कों पर मास्क लगाकर निकल रहे है और पिछले कुछ दिनों में मास्क की मांग भी बढ़ गई है. अस्पतालों में भी सांस के मरीजों की संख्या में बढ़ रही है.

First published: 6 November 2016, 18:35 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी