Home » दिल्ली » Delhi: Forest Survey of India’s State Reports shows decline in trees since 2005
 

कंकीट्र के जंगल में बदल चुकी दिल्ली पर मंडरा रहा है साफ हवा और धूल का खतरा

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 June 2018, 16:35 IST

दिल्ली में कॉलोनियों के आस-पास और सड़कों में पेड़ो की संख्या में 2005 के बाद से गिरावट आई है. भारत के वन राज्य, वन सर्वेक्षण के अनुसार, साल 2017 में  ट्री कवर 113 वर्ग किमी है. 

वन सर्वेक्षण के इस रिपोर्ट के मुताबिक शहर में पेड़ के कवर में नुकसान मुख्य रूप से 2005-15 के दशक में हुआ. इस रिपोर्ट के मुताबिक 2004 में ट्री कवर 98 वर्ग किमी से भी कम थी.

पर्यावरण केंद्र के कार्यकारी निदेशक अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि " पेड़ो के घनत्व में हो रही कमी के कारण दिल्लीवासियों को पहले से ज्यादा धूल और गंभीर वायु प्रदूषण से अवगत कराया जा रहा है.पेड़ धूल और कार्बन डाइऑक्साइड के सबसे अच्छे ट्रेपर्स हैं. इसके अलावा पेड़ और वनस्पति गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए भी महत्वपूर्ण हैं, जो न केवल स्थानीय तापमान को बढ़ाती है. बल्कि ओजोन जैसे माध्यमिक प्रदूषण के उत्सर्जन में भी वृद्धि का कारण बनती है."

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गौरतलब है कि अभी हाल ही में केंद्र सरकार ने दक्षिणी दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों के लिए आवास मुहैया कराने के लिए 7 कॉलोनी बनाने को मंजूरी दी है. इसके लिए 16 हजार से ज्यादा पेड़ों को काटने का फैसला किया गया था.

भारत के वन सर्वेक्षण (एफएसआई) के रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में प्रति व्यक्ति वृक्ष की उपलब्धता 0.3 पर या प्रति व्यक्ति एक पेड़ से भी कम है.

First published: 29 June 2018, 16:35 IST
 
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