Home » दिल्ली » Delhi Metro Rail Corporation: 3 lakhs daily commuters reduced after fare hike, possibility of less fare
 

खुशखबरीः इन वजहों के चलते कम हो सकता है दिल्ली मेट्रो का किराया

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 24 November 2017, 20:06 IST

यूं तो दिल्ली मेट्रो के आने के बाद से यात्रियों को काफी सहूलियतें हुईं, लेकिन बाद में बढ़ी भीड़ के बाद इस साल दो बार बढ़े किराये ने संभवता इसके प्रति यात्रियों का आकर्षण कम कर दिया है. अब उम्मीद की जा सकती है कि दिल्ली मेट्रो का किराया जल्द ही कम कर दिया जाए और इसके पीछे दो प्रमुख वजहें हैं.

एक ही साल में दिल्ली मेट्रो का दो बार किराया बढ़ाकर 100 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी करने का फैसला अब इसे उल्टा पड़ने लगा है. एक आरटीआई के जवाब में इस बात का खुलासा हुआ है कि दिल्ली मेट्रो में दैनिक यात्रियों की संख्या में 3 लाख की कमी आई है.

रोजाना यात्रा करने वाले लोगों की संख्या में आई यह भारी कमी दिल्ली मेट्रो के अक्टूबर में दूसरी बार बढ़ाए गए किराये के बाद देखी गई है. आरटीआई के मुताबिक जहां सितंबर में 27.4 लाख मुसाफिर रोजाना दिल्ली मेट्रो में सफर करते थे,
अक्टूबर में रोजाना मेट्रो के यात्रियों की संख्या करीब 11 फीसदी कम होकर 24.2 लाख पर आ गई.

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह कमी उस दौरान आई है जब दिल्ली मेट्रो लाइन का नेटवर्क भी बढ़ गया था. मेट्रो लाइन का नेटवर्क बढ़ने के चलते दैनिक मुसाफिरों में बढ़ोतरी होनी चाहिए थी, लेकिन हो गया इसका उलट.

बीते 10 अक्टूबर को किराया बढ़ाने का फैसला लागू किया गया था. इससे पहले दिल्ली मेट्रो ने पांच महीने पहले ही करीब 100 फीसदी किराया बढ़ा दिया था. डीएमआरसी ने आरटीआई के जवाब में बताया कि दिल्ली मेट्रो के सबसे व्यस्त रूट ब्लू लाइन के मुसाफिरों की तादाद में 30 लाख की कमी आई है.

इसके अलावा यलो लाइन पर भी 19 लाख मुसाफिर कम हुए हैं. अक्टूबर में बढ़ा किराया लागू होने के बाद अधिकतम किराया 50 से 60 रुपये कर दिया गया था. और बढ़े हुए किराये को भी कई तरह से लागू किया गया था, जिसमें अलग-अलग दूसरी के मुताबिक सीधे किराया वृद्धि कर दी गई थी. इससे पहले इस साल दिल्ली मेट्रो का अधिकतम किराया 30 रुपये था, जो अब दो बार बढ़कर 60 रुपये हो चुका है.

वहीं, दिल्ली मेट्रो में कम हुए दैनिक यात्रियों की संख्या जाहिर है किसी अन्य माध्यम का इस्तेमाल करने लगी होगी. और अक्टूबर-नवंबर में दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर भी जानलेवा स्तर पर पहुंच गया था. अन्य वजहों के अलावा प्रदूषण बढ़ने की वजह मेट्रो के यात्रियों को परिवहन के अन्य साधनों का इस्तेमाल करना भी हो सकता है.

अब अगर इन बातों को देखें तो सीधे पता चलेगा कि किराये में बढ़ोतरी के बाद मेट्रो को आपेक्षित मुनाफा नहीं हो रहा है. 3 लाख दैनिक मुसाफिरों के चले जाने के अलावा नई लाइनों पर यात्रियों के न बढ़ने का मतलब है कि दिल्ली मेट्रो ने जिस हिसाब से गुणा-भाग किया था, वो कहीं न कहीं फेल हो गया. दूसरी तरफ किराया बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में प्रदूषण और स्मॉग भी बढ़ गया, जिसको लेकर एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट ने भी नाराजगी जताई थी.

ऐसे में अब इस बात की उम्मीद की जा सकती है कि दैनिक यात्रियों की कमी और दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए दिल्ली मेट्रो का किराया कम किया जा सकता है. आरटीआई के जरिये मिली जानकारी कहीं न कहीं इस बात को पुख्ता भी करती है. हालांकि ऐसा होता है या नहीं यह आने वाला वक्त ही बताएगा.

First published: 24 November 2017, 20:06 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

अगली कहानी