Home » दिल्ली » Delhi Metro Rail Corporation Employees threatens complete shutdown on monday.
 

सोमवार को दिल्ली मेट्रो के पहियों पर लग सकता है ब्रेक

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 July 2017, 10:54 IST

दिल्ली की लाइफलाइन मानी जाने वाली मेट्रो के पहियों पर सोमवार को ब्रेक लग सकता है. दिल्ली मेट्रो के स्टाफ यूनियन ने कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस लेने और सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर 24 जुलाई को पूरी तरह काम बंद रखने का एलान किया है.

दिल्ली मेट्रो के स्टाफ यूनियन का कहना है, "विभागीय अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर मुख्य आरटीआई पर्यवेक्षक विनोद शाह को नौकरी से निकाल दिया गया. अनिल कुमार मेहता और रवि भारद्वाज नाम के दो कर्मचारियों को मेजर पेनाल्टी का नोटिस दिया गया है."

कर्मचारियों ने शुक्रवार को भी बदरपुर, विश्वविद्यालय, कुतुब मीनार, शाहदरा समेत 7 मेट्रो स्टेशनों पर विरोध प्रदर्शन किया. हालांकि इससे मेट्रो के परिचालन में ज्यादा दिक्कत नहीं आई .

दरअसल दिल्ली-एनसीआर में करीब 300 मेट्रो चलती हैं. इसमें करीब 30 से 35 लाख लोग रोजाना सफर करते हैं. अगर सोमवार को मेट्रो का परिचालन बंद होता है, तो परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी.

इस मामले में डीएमआरसी का कहना है कि मेट्रो का परिचालन सामान्य रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को कोई असुविधा न हो. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की स्टाफ काउंसिल के सेक्रेटरी अनिल कुमार महतो ने बताया कि मेट्रो में करीब 9 हजार का परमानेंट स्टाफ है.

29 मई 2015 को DMRC से अग्रीमेंट हुआ था. जिसमें ये कहा गया था कि कर्मचारियों को बढ़े हुए पे-स्केल पर सैलरी मिलेगी, इसे लागू नहीं किया गया.

कर्मचारियों का कहना है कि मेट्रो में तीसरा वेतन आयोग आने वाला है. ऐसे में कर्मचारियों से विचार-विमर्श करके ही तीसरे वेतन आयोग में वेतन तय किया जाना चाहिए और 12 मई 2015 के समझौते के तहत कर्मचारियों को एक समान वेतन दिया जाए.

वहीं डीएमआरसी का कहना है कि तीसरे वेतन आयोग को सरकार ने स्वीकार कर लिया है. जल्द उसकी घोषणा हो सकती है. इसके बाद वेतन से जुड़े मामलों पर जल्द फैसला लिया जाएगा.

First published: 22 July 2017, 10:54 IST
 
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