Home » दिल्ली » Delhi records 'very poor' air quality despite Supreme Court ban on firecracker sales; lower than 2016
 

जानिए पटाखों पर पाबंदी के बावजूद दिल्ली में कितने गुना बढ़ा प्रदूषण

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 October 2017, 15:21 IST

देश के शीर्ष न्यायालय द्वारा आतिशबाजी की बिक्री पर पाबंदी लगाने के बावजूद राजधनी में प्रदूषण का स्तर नीचे नहीं आ सका. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी के आंकड़े बताते हैं कि दिवाली की रात और अगले दिन सुबह दिल्ली का प्रदूषण स्तर रिकॉर्ड 24 गुना तक अधिक पाया गया.

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (DPCC) के आंकड़ों की मानें तो शुक्रवार सुबह 6 बजे दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर प्रदूषण, सामान्य स्तर से बहुत अधिक ऊपर रिकॉर्ड किया गया. कुछ इलाकों में यह 24 गुना से भी ज्यादा रिकॉर्ड किया गया. आंकड़ों के मुताबिक़ सुबह के समय PM 2.5 का स्तर PM 10 से भी ज्यादा बढ़ा हुआ था.

दिल्ली की पहचान इंडिया गेट पर सुबह 6 बजे PM 2.5 की मात्रा 911 माइक्रॉन रिकॉर्ड की गई, जबकि सामान्यता इसे 60 माइक्रॉन के स्तर तक होना चाहिए.

DPCC के मुताबिक़ आरकेपुरम जैसे पॉश इलाके में PM 2.5 की मात्रा 776 माइक्रॉन तक पाई गई जो कि सामान्य से खतरनाक स्तर तक ज्यादा है. अशोक विहार में प्रदूषण 14 गुना ज्यादा तो आनंद विहार में 10 गुने से भी ज्यादा पाया गया है.

वहीं, प्रदुषण के दूसरे मानक PM 10 की बात करें आनंद विहार में इसकी मात्रा सामान्य से 24 गुना तक अधिक पाई गई. इसका सामान्य स्तर 100 माइक्रॉन माना जाता है, लेकिन आनंद विहार में ये 2402 माइक्रॉन के खतरनाक स्तर तक पाया गया. इंडिया गेट पर PM 10 की मात्रा 985 माइक्रॉन और मंदिर मार्ग पर 1046 माइक्रॉन मिली जो 10 गुना ज्यादा प्रदुषण को दिखाती है.

कई इलाकों में प्रदूषण स्तर में नौ से 12 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई तो आरकेपुरम जैसी पॉश कॉलोनियों में प्रदूषण स्तर में पिछली दिवाली के मुकाबले कमी दर्ज की गई. यहां PM 2.5 के स्तर में खासी गिरावट दर्ज की गई.

लेकिन आनंद विहार, शाहदरा, आनंद पर्वत, वजीरपुर, नरेला, लक्ष्मी नगर, अशोक विहार और श्रीनिवासपुरी जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर सामान्य से कई गुना ज्यादा पहुंच गया. ये जानकारी रात नौ से दस बजे के बीच के आंकड़ों के आधार पर है, जाहिर है कि सुबह तक प्रदूषण स्तर में और भी गिरावट दर्ज की जा सकती है क्योंकि भारी संख्या में लोग रात 10 बजे के बाद ही पटाखे फोड़ना शुरू करते हैं.

दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर रात नौ बजे तक ही पिछले सालों के आंकड़ों को पीछे छोड़ चुका था. दर्ज किए गए आंकड़ों के मुताबिक़ आनंद विहार में प्रदूषण 9 गुना, शाहदरा में 7 गुना, पंजाबी बाग में 6 गुना, वजीरपुर में 8 गुना, अशोक विहार में 8 गुना, रोहिणी में 7 गुना, आरकेपुरम में 12 गुना (बाद में), शाहदरा में 8 गुना (रात 12 बजे), वजीरपुर में 9 गुना, श्रीनिवासपुरी में 6 गुना और आनंद विहार में 6 गुना से ज्यादा दर्ज किया गया.

हालांकि इसके साथ ये भी सच है कि पटाखों की बिक्री में खासी कमी दर्ज की गई. आसानी से लोगों को पटाखे नहीं मिले. दिल्ली पुलिस की सतर्कता से जगह-जगह पटाखों की बिक्री की छोटी-छोटी दुकानें नहीं लग सकीं. इसका सीधा असर लोगों को महसूस हुआ.

दिवाली की रात जहां लोगों का दम घुटने लगता था, सांस लेने में परेशानी होने लगती थी और घरों में धुंआ सा भर जाता था, उसमें इस बार खासी कमी दर्ज की गई. लोगों की प्रतिक्रिया थी कि इस बार पटाखों के प्रदूषण के कारण आंखों में जलन होने जैसे हालात नहीं दिखे.

इसके बाद दिवाली की रात धुंए और प्रदूषण का असर दूसरे दिन सुबह भी दिखाई पड़ा. शुक्रवार को दिल्ली की सुबह कुहासे जैसे बादलों के साथ हुई. पटाखों का धुंआ और अन्य प्रदूषण वातावरण में ट्रैप हो गया जिसके कारण सुबह का मौसम धुंधलेपन के साथ शुरू हुआ.

First published: 20 October 2017, 15:21 IST
 
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