Home » दिल्ली » Delhi’s Max Hospital gets stay on licence cancellation of Shalimar Bagh facility by kejriwal led delhi govt, resumes operations
 

जिंदा नवजात को मरा बताने वाले दिल्ली के मैक्‍स अस्‍पताल का लाइसेंस नहीं होगा रद्द

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 December 2017, 17:25 IST

दिल्ली के शालीमार बाग स्थित मैक्स हॉस्पिटल को बड़ी राहत मिली है. बुधवार से मैक्स हास्पिटल में दोबारा ऑपरेशन होने शुरू हो गए हैं. दिल्ली के फाइनेंस कमिश्नर ने केजरीवाल सरकार के फैसले को पलट दिया है. केजरीवाल सरकार ने जिंदा नवजात को मरा घोषित करने वाले मैक्स हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द कर दिया था. केजरीवाल सरकार के इस फैसले को मैक्स हॉस्पिटल प्रशासन ने गलत बताया था.

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के फैसले के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल ने इसे दिल्ली के फाइनेंस कमिश्नर के पास भेजा था. मैक्स अस्पताल ने बताया कि फाइनेंस कमिशनर की अदालत ने मंगलवार को लाइसेंस रद्द करने के दिल्ली सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी. 

मैक्स अस्पताल ने अपने बयान में कहा, "हमारा पूरा ध्यान अपने सारे मरीजों को क्वॉलिटी केयर सर्विस देने पर है. हम आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का मुफ्त में इलाज के लिए प्रतिबद्ध हैं." 

क्या है पूरा मामला?

दिल्ली के शालीमार बाग स्थित मैक्स हॉस्पिटल में एक गर्भवती महिला की डिलीवरी कराई गई थी. गर्भवती महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया. जुड़वा बच्चों में एक लड़का और लड़की थी. डिलीवरी के बाद डॉक्टरों ने इनमें से एक बच्चे को मृत बता दिया. थोड़ी देर बाद डॉक्टरों ने दूसरे बच्चे को भी मृत घोषित कर दिया और शव पार्सल में लपेटकर उन्हें दे दिए. इसके बाद जब परिजन मृतक नवजात शिशु को कार में लेकर घर जाने लगे तो अचानक नवजात ने पैर चलाने शुरू कर दिए. इसके बाद वो उसे फौरन पास के अस्पताल में ले गए. हालांकि बच्चे की ईलाज के दौरान वहां मौत हो गई. 

इस मामले के सामने आने के बाद दिल्‍ली सरकार ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था. इस समिति ने अपनी रिपोर्ट में अस्पताल को तय मेडिकल नियमों का पालन नहीं करने का दोषी पाया था. इसके बाद दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने 8 दिसंबर को शालीमार बाग स्थित मैक्स हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द कर दिया था.

दिल्ली के स्वास्थ मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि शालीमार बाग के मैक्स हॉस्पिटल हॉस्पिटल द्वारा नवजात को मृत बताए जाने की घटना को एकदम स्वीकारा नहीं जा सकता है. उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल को कई ओर मामलों में नोटिस जारी किए गए हैं. इसमें भी अस्पताल की गलती पाई गई है.

First published: 20 December 2017, 17:25 IST
 
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