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दिल्ली: रिटायरमेंट के कुछ घंटे पहले भ्रष्टाचार के आरोप में सस्पेंड हो गई महिला वाइस प्रिंसिपल

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 September 2018, 15:05 IST

दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद सेवानिवृत्ति के दिन एक सरकारी स्कूल की वाइस प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया. मयूर विहार फेज-II में स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय (एनी बेसेंट) की वाइस प्रिंसिपल गोमती देवी पर आरोप हैं कि वह कथित तौर पर शिक्षकों के लिए लर्निग सामग्री खरीदने के लिए मिलने वाले रुपयों में घोटाला कर रही थी.

मुख्य सचिव अंशु प्रकाश द्वारा 30 अगस्त को जारी एक आदेश में गोमती देवी को बिना अनुमति के दिल्ली छोड़ने से भी रोक दिया गया था. शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने शिकायतों के बाद पूछताछ का आदेश दिया था.

 

समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार स्टेशनरी, ग्लोब, मानचित्र और चार्ट सहित शिक्षण-शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए शिक्षकों को 500 रुपये दिए जाते हैं. लेकिन शिक्षा निदेशालय की एक टीम द्वारा जांच के बाद यह पाया गया कि गोमती देवी शिक्षकों को 350 रुपये दे रही थीं और दावा किया कि इस सामान पर जीएसटी के तहत कटौती की जा रही है.

सीसीएस नियम 1995 के नियम 10 के उप नियम (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति के प्रयोग से गोमती देवी को तुरंत प्रभाव के साथ निलंबन के तहत रखा गया है. देवी का कहना है कि उन्हें अनुसूचित जाति से होने के कारण निशाना बनाया जा रहा है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार वाइस प्रिंसिपल गोमती देवी का कहना है कि "मैं एक अकेली महिला हूं और अनुसूचित जाति से हूं, इसलिए मैं एक आसान लक्ष्य हूं." गोमती देवी ने पांच साल तक स्कूल में अध्यापन का कार्य किया. गोमती देवी का कहना है कि "मेरी 40 साल की सेवा के दौरान मेरे ऊपर ऐसे आरोप कभी नहीं लगे हैं, ऐसे में करियर खत्म होने पर मैं ये सब क्यों करूंगी ?''

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First published: 1 September 2018, 14:49 IST
 
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