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जासूसी रैकेट: सपा सांसद मुनव्वर सलीम का पीए गिरफ्तार, अब तक 4 पर शिकंजा

शाहनवाज़ मलिक | Updated on: 29 October 2016, 11:54 IST
(मुनव्वर सलीम)

दिल्ली पुलिस ने जासूसी रैकेट में एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया है. कैच को मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सपा सांसद मुनव्वर सलीम के पीए फरहत को गिरफ्तार कर लिया है. 

उत्तर प्रदेश के निवासी फरहत को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जासूसी रैकेट की छानबीन में पकड़ा है. कैच को दी एक्सक्लूसिव जानकारी में ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने बताया कि फरहत नाम के एक और शख्स को जासूसी रैकेट में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया गया है.  

फरहत को एक साल पहले बनाया था पीए

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद चौधरी मुनव्वर सलीम ने दिल्ली पुलिस को जांच में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया है.

मुनव्वर सलीम ने फरहत को हिरासत में लेने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मैंने एक साल पहले संसदीय प्रक्रिया के तहत फरहत की बतौर पीए नियुक्ति की थी. मैं जांच के दौरान दिल्ली पुलिस को हर तरह की मदद देने के लिए तैयार हूं."

शोएब की जोधपुर से गिरफ्तारी

इससे पहले शोएब नाम के संदिग्ध की राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तारी हुई थी. क्राइम ब्रांच की टीम ने दिल्ली में सुभाष जांगिड़ और मौलाना रमजान नाम के दो संदिग्ध जासूसों को गिरफ्तार किया था.

इनके साथ पाकिस्तानी उच्चायोग के अफसर महमूद अख्तर को भी हिरासत में लिया गया था, हालांकि राजनयिक छूट की वजह से पुलिस ने बाद में अफसर को रिहा कर दिया था. विदेश मंत्रालय ने 29 अक्तूबर तक महमूद अख्तर को देश छोड़ने का आदेश दिया है. 

अब फरहत चौथा शख्स है, जिसे जासूसी रैकेट में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया गया है.

दिल्ली पुलिस ने संदिग्ध सुभाष जांगिड़ और मौलाना रमजान को हाल ही में गिरफ्तार किया था. (एएनआई)

जासूसी रैकेट का पर्दाफाश

दिल्ली पुलिस के मुताबिक जोधपुर से पकड़ा गया शोएब पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम कर रहा था. दिल्ली से जोधपुर आ रहे शोएब को पुलिस ने मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था.

दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी रविंद्र यादव का कहना है, "शोएब कम से कम छह बार पाकिस्तान जा चुका है. उसकी मां और परिवार के कई अन्य सदस्य पाकिस्तान में रहते हैं. शोएब तकरीबन तीन-चार साल से अपना खुफियाा ऑपरेशन चला रहा था. उसके संबंधन पाक हाई कमीशन से भी रहे."

दिल्ली पुलिस के मुताबिक मौलाना रमजान, सुभाष और शोएब का तगड़ा नेटवर्क था. पुलिस को अंदेशा है कि इस नेटवर्क से अभी और लोग जुड़े हो सकते हैं. दिल्ली पुलिस की तफ्तीश में यह भी सामने आया है कि शोएब वीजा एजेंट भी था.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के मुताबिक जोधपुर निवासी वीजा एजेंट शोएब ने ही मौलाना रमजान को पाक उच्चायोग में तैनात अधिकारी महमूद अख्तर से मिलवाया था. आरोप है कि पकड़े गए लोग अख्तर को गोपनीय सूचनाएं मुहैया कराते थे.

दिल्ली पुलिस का दावा है कि जोधपुर के जटियाबास इलाके का शोएब पासपोर्ट बनवाने के साथ ही हनीट्रैप में इस्तेमाल के लिए लड़कियों की भी तलाश करता था. शोएब ऐसी लड़कियों को ढूंढ़ता था जो पाकिस्तान जाना चाहती थीं, लेकिन उन्हें वीजा नहीं मिल पाता था.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को एक बड़े जासूसी रैकेट का पर्दाफाश किया था. दिल्ली पुलिस छह महीने से रैकेट का भंडाफोड़ करने में जुटी थी. आरोेप है कि रैकेट से जुड़े लोग सरहद से जुड़ी संवेदनशील खुफिया जानकारी पाकिस्तान में आईएसआई को पहुंचाते थे. 

पासपोर्ट और वीजा एजेंट शोएब को दिल्ली पुलिस ने जोधपुर से गिरफ्तार किया था.
First published: 29 October 2016, 11:54 IST
 
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