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दिल्ली आग कांड: बिना एनओसी के चल रही थी पटाखा फैक्ट्री, BJP मेयर के पास फैक्ट्री का लाइसेंस!

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 January 2018, 8:42 IST

दिल्ली में बवाना के सेक्टर 5 की एक पटाखा फैक्ट्री में शनिवार शाम के करीब 6.30 बजे आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. रात होते-होते इस आग ने 17 जिंदगियां छीन ली, मरने वालों में आठ महिलाएं शामिल हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने की वजह से हुई, आग किन कारणों से लगी इसकी अभी जांच चल रही है.

इसी बीच बीजेपी नेता के बयान ने विवाद शुरू कर दिए हैं. उत्तरी बीजेपी की मेयर प्रीति अग्रवाल के बयान पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसमें वो कुछ लोगों से कह रही हैं कि फैक्ट्री की लाइसेंसिंग उनके पास है इसलिए वो कुछ नहीं बोल सकतीं. प्रीति अग्रवाल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. अभी इस पर बीजेपी या प्रीति अग्रवाल की ओर से कोई सफाई नहीं आई है.

 

 

इससे पहले देर शाम घटना स्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घटना पर दुख जताया. उन्होंने कहा, "घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं. मृतकों के परिवार और घयलों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं. जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई नहीं हो सकती. दिल्ली सरकार मृतक के परिवारों को पांच लाख और घायलों को इलाज के लिए एक लाख रुपये मुआवजा देगी.''

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए जबकि घायलों को 1-1 लाख रुपए मुआवजा देने का एलान किया है.

गौरतलब है कि पटाखा फैक्ट्री में लगी आग ने वहां मौजूद हर चीज को अपने लपेटे में ले लिया. फैक्ट्री के अंदर रखे सिलेंडर में भी ब्लास्ट हुआ जिसकी वजह से आग और तेजी से फैल गई. आग पर काबू पाने के लिए मौके पर फायर ब्रिगेड की करीब एक दर्जन गाड़ियां पहुंची, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि उस पर काबू पाने में घंटों लग गए और तब तक देर हो चुकी थी.

बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में शनिवार के दिन छुट्टी होती है, जो भी फैक्ट्री में थे वो सभी ओवर टाइम कर रहे थे. आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला. आग में लोग इतनी बुरी तरह से झुलस गए, उनकी पहचान करना मुश्किल है. दिल्ली फायर विभाग के अधिकारी के मुताबिक पटाखा फैक्ट्री बिना एनओसी के चल रही थी.

First published: 21 January 2018, 8:42 IST
 
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