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दिल्ली: बीरेंद्र बसोया की मौत की वजह नोटबंदी या कुछ और?

शाहनवाज़ मलिक | Updated on: 10 February 2017, 1:39 IST
QUICK PILL
  • 17 नवंबर की सुबह नेब सराय स्थित  अपने फ्लैट में फांसी पर लटके मिले बीरेंद्र बसोया के मोबाइल फोन से उनकी मौत की दूसरी वजह सामने आई है. 
  • फिलहाल इकट्ठा सबूतों और बयानों के आधार पर नेब सराय पुलिस ने कहा है कि यह मौत नोटबंदी की वजह से नहीं बल्कि निजी संबंधों में कलह के चलते हुई है.  

गुरुवार की सुबह दिल्ली के नेब सराय इलाक़े में फांसी पर लटके मिले बीरेंद्र बसोया (26) की मौत के बाद तेज़ी से ख़बर फैली की नोटबंदी के चलते एक और युवक ने आत्महत्या कर लिया. लेकिन मृत युवक के घरवालों, मामले की जांच कर रही पुलिस टीम और मोबाइल से मिले सबूत दूसरी कहानी की ओर इशारा कर रहे हैं.

कथित तौर पर बीरेंद्र बसोया की ख़ुदकुशी की वजहें निजी जान पड़ती हैं. उनके फेसबुक मैसेंजर पर हुई बातचीत इशारा करती है कि दो-दो शादियां करने वाले बीरेंद्र के अन्य महिलाओं से भी संबंध थे. उनकी पत्नी रौनक ख़ान बसोया की उनसे इस बात को लेकर बार-बार कहासुनी भी होती रही लेकिन बीरेंद्र अपनी आदतों से बाज नहीं आए.

बीरेंद्र की मौत पर पत्नी के दावे

गुरुवार की सुबह नेब सराय के राजू पार्क इलाक़े में बीरेंद्र की लाश पंखे से लटकते हुए मिली. इसके बाद उनकी पत्नी रौनक ने मीडिया के सामने तीन दावे किए.

1- मेरे पति बीरेंद्र ने नया घर ले लिया था, अगले महीने हम नए घर में शिफ़्ट होने वाले थे.

2- बीरेंद्र के पास 12 लाख रुपए के पुराने नोट थे जिसे नोटबंदी के कारण वह बदलवा नहीं पा रहे थे.

3- इसके अलावा ईस्ट ऑफ कैलाश में उनका एलईडी टीवी का एक शोरूम है.

मगर नेब सराय पुलिस की अब तक की जांच में ऊपर किए गए तीनों दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है. पुलिस को बीरेंद्र के घर से कोई करेंसी बरामद नहीं हुई है. इइसी तरह उनके नए घर के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है. घर लिया भी है या नहीं, इस पर भी नेब सराय पुलिस को संदेह है. एलईडी शो रूम होने का दावा भी संदिग्ध है. नेब सराय पुलिस का कहना है कि शोरूम बीरेंद्र का नहीं है.

नेब सराय थाने के एसएचओ विवेक त्यागी कहते हैं कि इस केस से जुड़ी जो खबरें अख़बारों में छप रही हैं वह सही नहीं हैं. बीरेंद्र की मौत की वजह नोटबंदी नहीं लगती. अभी तक की जांच से लगता है कि पारिवारिक कलह के चलते उन्होंने आत्महत्या की.

क्या बीरेंद्र बसोया चरित्रहीन थे?

बीरेंद्र और रौनक ने घरवालों की मर्ज़ी के बिना 11 नवंबर 2015 को शादी की थी. रौनक का दावा है कि उनसे निकाह के लिए बीरेंद्र ने अपना नाम साजिद ख़ान रख लिया था.

शादी के तीन महीने बाद रौनक ने पहली बार बीरेंद्र को वाट्सएप पर एक महिला डॉली से बात करते हुए पकड़ा. रौनक कहती हैं कि उन्होंने दोबारा ऐसी गलती नहीं करने की माफ़ी मांगी और मैंने भी माफ़ कर दिया. मगर यह सिलसिला थमा नहीं. बीरेंद्र बार-बार अलग-अलग महिलाओं से इस तरह की बातें करते हुए पकड़े गए.

पुलिस को मिले बसोया के चैट से पता चला है कि जिन महिलाओं से उनके संबंध थे उन्हें उसने अपने प्राइवेट पार्ट के फोटो और वीडियो भेज रखे थे. इसकी जानकारी उनकी पत्नी को होने पर अक्सर उनमें झगड़ा भी होता था.

अमीरी का ढोंग?

बीरेंद्र बसोया महंगी लाइफ़ स्टाइल जीते थे लेकिन उनकी आमदनी का कोई ठोस ज़रिया नहीं था. उन्होंने अपने और रौनक के तीन सोने के हार गिरवी रख दिए थे. उन्होंने हाल ही में इक्का-दुक्का अंगूठियां मुथुट फाइनेंस में गिरवी रखकर वहां से 25 हज़ार रुपए कर्ज़ लिया था. घर का राशन हर महीने बीरेंद्र की मां भिजवाती थीं जो कुछ किलोमीटर दूर गढ़ी इलाक़े में रहती हैं.

वह ख़ुद एक रॉयल इनफिल्ड से चलते थे लेकिन अक्सर स्कॉर्पियो और दूसरी कारें लेकर घूमा करते थे. वह पत्नी से ख़ुद को एलईडी टीवी के शोरूम का मालिक बताते थे लेकिन कभी उन्हें कथित शोरूम पर नहीं ले गए.

ख़ुदकुशी क्यों की?

ख़ुदकुशी से एक हफ़्ता पहले रौनक ने अपने मोबाइल पर फेसबुक मैसेंजर डाउनलोड किया. मगर एप्लीकेशन डाउनलोड होते ही वह बीरेंद्र के अकाउंट से लॉगइन हो गया. (मुमकिन है कि पहले बीरेंद्र ने रौनक के मोबाइल का इस्तेमाल फेसबुक मैसेंजर के लिए किया हो.)

रौनक बताती हैं, 'एप्लीकेशन डाउनलोड होने पर मैंने देखा कि बीरेंद्र जामिया की एक छात्रा से बात कर रहे हैं. वह उसे फंसाने की कोशिश कर रहे थे. इसके अलावा भी उनके चैटबॉक्स में इसी तरह के कई पुराने मैसेज मिले.'

रौनक ने इन संबंधों के बारे में बीरेंद्र से बात की तो उसने माफ़ी मांगी लेकिन वह सुधरो नहीं. कुछ दिन बाद ही वह फिर से उसी लड़की चैटिंग करने लगे. रौनक यह सबकुछ उनके मैसेंजर पर पढ़ रही थीं.

रौनक के मुताबिक 16 नवंबर की रात में जब बीरेंद्र घर आए तो वह नाराज़ थीं. दोनों के बीच बहस हुई. रौनक ने बताया कि बीरेंद्र किसी डॉली नाम की महिला से बात करते थे और वह ख़तरनाक है. बीरेंद्र ने कथित तौर पर उससे कर्ज़ ले रखा था. इसके बाद बीरेंद्र ने रौनक को मनाने के लिए पास्ता बनाया. फिर दोनों ने थोड़ी देर ड्राइंग रूम में बिगबॉस देखा और सोने चले गए.

अगली सुबह यानी कि 17 नवंबर को रौनक ने बीरेंद्र को पंखे से लटकता पाया.

बीरेंद्र रौनक से झूठ बोलते थे?

बीरेंद्र बसोया की मौत की बाद नेब सराय पुलिस रौनक को थाने ले गई. यहां रौनक ने पुलिस को उनके अवैध संबंधों के बारे में पूरी जानकारी दी. सुबूत के तौर पर चैटिंग के सारे स्क्रीन शॉट दिए. फिर कुछ ही घंटे में पुलिस ने रौनक को बताया कि उनके पति बीरेंद्र की पहले भी शादी हो चुकी है. यह सुनकर रौनक को झटका लगा क्योंकि दोनों ने प्रेम विवाह किया था.

रौनक कैच को साफ़-साफ़ नहीं बता सकीं कि उनके पति आख़िर करते क्या थे? अगर वह ख़ुद ब्याज पर रुपए देते थे तो फिर उन्हें नियमित तौर पर अपनी और पत्नी के गहने बेचने की ज़रूरत क्यों पड़ती थी.

चट मंगनी और पट ब्याह

रौनक 9 अगस्त 2015 को बिजनौर से दिल्ली के तिगड़ी इलाक़े में अपनी कज़िन की शादी में शामिल होने आई थीं. यहीं पर पहली बार उनकी बीरेंद्र से मुलाक़ात हुई. मोबाइल नंबर अदला-बदली करके इन्होंने बातचीत शुरू की और 4 महीने बाद 11 नवंबर 2015 को दिल्ली में ही शादी कर ली.

रौनक का दावा है कि उन्होंने इस शादी के लिए अपने घरवालों को मना लिया था लेकिन बीरेंद्र का परिवार तैयार नहीं हुआ. दिल्ली में हुई शादी के दौरान दोनों में से किसी का परिवार नहीं मौजूद था. शादी का इंतज़ाम उस कज़िन ने करवाया था जिसकी शादी में वह 9 अगस्त को आई थीं. मौत से पहले रौनक को भनक भी नहीं लगी कि उनके पति पहले से शादीशुदा हैं. नेबसराय पुलिस के मुताबिक उनकी पहली पत्नी गांव में रहती हैं.

चूंकि यह शादी घरवालों की मर्ज़ी से नहीं हुई थी, इसलिए दोनों किराए के मकान में रहते थे. उनके पिता किशन कुमार बसोया गढ़ी इलाक़े में रहते हैं. वह सरकारी मुलाज़िम हैं. 

First published: 19 November 2016, 1:01 IST
 
शाहनवाज़ मलिक @catchhindi

स्वतंत्र पत्रकार

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