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जगदीश सिंह खेहर बने देश के नए चीफ जस्टिस

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:37 IST
(एएनआई)

जस्टिस जगदीश सिंह खेहर ने देश के मुख्य न्यायाधीश की कमान संभाल ली है. राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह के दौरान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जस्टिस खेहर को देश के 44वें चीफ जस्टिस की शपथ दिलाई. 

शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी के अलावा वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे. जस्टिस खेहर चीफ जस्टिस की कुर्सी संभालने वाले पहले सिख जज हैं. चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर कार्यकाल तीन जनवरी को समाप्त हो गया.

27 अगस्त 2017 तक कार्यकाल     

जस्टिस खेहर को 8 फरवरी 1999 को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाया गया था. दो अगस्त 2008 को उन्हें हाईकोर्ट का कार्यवाहक न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. 

न्यायमूर्ति खेहर 17 नवंबर, 2009 को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने. इसके बाद उन्हें 8 अगस्त, 2010 को कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी. जस्टिस खेहर कई सख्त फैसलों के लिए भी जाने जाते हैं. एक नजर उनके अहम फैसलों पर:

खेहर के अहम फैसले

1. जस्टिस खेहर की ही अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने जजों की नियुक्ति पर मोदी सरकार को करारा झटका दिया था. जस्टिस खेहर की बेंच ने मोदी सरकार के बनाए राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) कानून को खारिज कर दिया था.

2. 13 जुलाई 2016 को अरुणाचल प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट ने नबाम तुकी की कांग्रेस सरकार को बहाल करने का आदेश दिया था. जस्टिस खेहर राष्ट्रपति शासन को रद्द करने का आदेश देने वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच के अध्यक्ष थे.

3. निवेशकों के बकाया 24 हजार करोड़ रुपये को लेकर सेबी और सहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रत राय का विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था. सुब्रत राय को जेल भेजने वाली बेंच के भी जस्टिस खेहर सदस्य थे.

4. जस्टिस खेहर ने मजदूरों और कर्मचारियों के लिए 'समान कार्य, समान वेतन' का भी आदेश दिया था.

First published: 4 January 2017, 11:11 IST
 
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